पुलिस पहुंचने से पहले दुकानदारों ने हटाया गोगो, फिर भी 40 से ज्यादा धराए, शहरभर में ताबड़तोड़ कार्रवाई, देर रात तक चला सर्च अभियान


बिलासपुर।
शहर में गोगो पेपर की खुलेआम बिक्री को लेकर गुरुवार सुबह से पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद कई दुकानदार सतर्क हो गए और पुलिस के पहुंचने से पहले ही दुकानों से गोगो हटा लिया, इसके बावजूद पुलिस को 40 से अधिक दुकानदार गोगो बेचते हुए मिले। सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
खबर पर संज्ञान लेते हुए डीआईजी रजनेश सिंह ने मार्निंग डीएसआर में सभी थाना प्रभारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद थानेदारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जवानों की टीम गठित कर दुकानों की जांच शुरू की। शाम तक सरकंडा थाना क्षेत्र में 10, सिविल लाइन में 5, सकरी में 7, जबकि सिरगिट्टी, चकरभाठा और बिल्हा थाना क्षेत्रों में 10 से अधिक दुकानदारों को रंगे हाथ पकड़ा गया। कुल मिलाकर 40 से ज्यादा दुकानदार गोगो बेचते पाए गए।
कोर्ट से चंद मीटर दूर भी बिक रहा था गोगो
कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि कई क्षेत्रों में, यहां तक कि कोर्ट परिसर से कुछ ही मीटर की दूरी पर स्थित पान दुकानों में भी गोगो खुलेआम बेचा जा रहा था। गलियों में गांजा की पुड़ियां मिलने की शिकायतें भी सामने आईं। सिविल लाइन क्षेत्र में कई दुकानों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई।
राजधानी में गोगो पर प्रतिबंध, आदेश जारी
उल्लेखनीय है कि रायपुर में गोगो पेपर पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत गोगो पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया है, जो 29 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश के उल्लंघन पर बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
केमिकल युक्त गोगो से सेहत को खतरा
पुलिस के अनुसार गोगो जैसे रोलिंग पेपर्स में टाइटेनियम ऑक्साइड, पोटेशियम नाइट्रेट और क्लोरीन ब्लीच जैसे घातक रसायन पाए जाते हैं, जो फेफड़ों और मस्तिष्क पर गंभीर दुष्प्रभाव डालते हैं। पुलिस का मानना है कि इनकी आसान उपलब्धता न केवल नशे को बढ़ावा दे रही है, बल्कि नाबालिगों को भी अपराध की ओर धकेल रही है।
गांजा पीना हुआ आसान, इसलिए बढ़ी मांग
पहले गांजा चिलम के माध्यम से पिया जाता था, जो अपेक्षाकृत कठिन प्रक्रिया थी। गोगो के आने के बाद गांजा पीना आसान हो गया है, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में कई थोक पान मसाला कारोबारी रोजाना 1000 पीस तक गोगो बेच रहे हैं।
देर रात तक चला सर्च अभियान
पुलिस टीमों ने देर रात तक स्मोकिंग जोन, कैफे, किराना दुकानों और पान ठेलों की जांच की। रात के समय भी कई दुकानदार प्रतिबंधित सामग्री बेचते पाए गए। दुकानदारों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस द्वारा विस्तृत आंकड़े आज जारी किए जाएंगे।

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