पूर्व सैनिक ने पट्टे की जमीन 10 लाख में बेची, रजिस्ट्री के बाद खुद ही रुकवाया नामांतरण, धोखाधड़ी का केस


बिलासपुर। शासकीय पट्टे की अहस्तांतरणीय जमीन को तथ्यों को छिपाकर बेचने और बाद में नामांतरण रुकवाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक पूर्व सैनिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार जरहाभाठा सुभाष कॉम्पलेक्स निवासी नीता ठाकुर पति मेघराज सिंह ठाकुर ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके पति की पहचान ग्राम पंधी निवासी पूर्व सैनिक कमलकांत श्रीवास से थी। आरोपी ने अपनी भूमि खसरा नंबर 7/19, रकबा 5 एकड़, तहसील मस्तूरी को 10 लाख रुपये में बेचने का सौदा किया था। 2 अप्रैल 2013 को इसका इकरारनामा हुआ और 29 मई 2014 को बिलासपुर रजिस्ट्री कार्यालय में विधिवत रजिस्ट्री भी कर दी गई।
बाद में जब जमीन का नामांतरण कराया जाना था, तब खुलासा हुआ कि उक्त भूमि शासकीय पट्टे की थी, जिसे बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकता था। बी-1 और खसरा रिकॉर्ड में भूमि को स्पष्ट रूप से शासकीय पट्टेदार और अहस्तांतरणीय दर्ज किया गया था। आरोप है कि कमलकांत श्रीवास ने इन तथ्यों को जानबूझकर छिपाया और रजिस्ट्री के बाद स्वयं ही नामांतरण प्रक्रिया पर रोक लगवा दी।
पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी कमलकांत श्रीवास के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!