
आकाश मिश्रा

मुंगेली।
जिले में धान खरीदी और परिवहन में बड़े पैमाने पर हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। धान के अवैध ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और फर्जी वाहनों से परिवहन की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 8 करोड़ 14 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान का मामला उजागर किया है। इस प्रकरण में विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 4 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।
आईसीसीसी मार्कफेड रायपुर से प्राप्त अलर्ट के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि धान उठाव करने वाले वाहनों द्वारा वास्तविक क्षमता से 200 प्रतिशत से लेकर 1116 प्रतिशत तक अधिक ओवरलोडिंग कर अवैध परिवहन किया गया। कलेक्टर कुंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशानुसार खाद्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए धान खरीदी और परिवहन में व्यापक घोटाले का पर्दाफाश किया।

जांच में यह भी सामने आया कि राइस मिलरों, समिति प्रबंधकों और अन्य संलिप्त लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए, पीडीएस चावल का वितरण नहीं किया, फर्जी वाहन नंबरों से धान का परिवहन दिखाया और वास्तविक मात्रा से अधिक उठाव दर्शाकर शासन को भारी नुकसान पहुंचाया। करीब 11 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीद और परिवहन में अनियमितता के प्रमाण मिले हैं।

जांच के दौरान नवागांव घुठेरा समिति द्वारा उपलेटा राइस मिल से मिलीभगत कर 74 जीपीएस युक्त और 40 से अधिक बिना जीपीएस वाहनों से धान परिवहन, सिंघनुपरी केंद्र द्वारा एसएस फूड के साथ 4542 क्विंटल धान का बिना जीपीएस परिवहन, छटन उपार्जन केंद्र द्वारा दीपक राइस मिल और नवकार मिल के साथ 3589 क्विंटल का अवैध परिवहन तथा झगरहट्टा उपार्जन केंद्र द्वारा वर्धमान राइस मिलर्स के साथ गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
इन मामलों में उपलेटा और वर्धमान राइस मिल के संचालक, समिति प्रबंधक, कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपी:
अब्दुल सत्तार
विकास पांडेय
महावीर जैन
संतोष साहू
श्रीधर परिहार
मोहम्मद यूसुफ
गेंदलाल साहू
फरार आरोपी:
अब्दुल समद
अनिल जांगड़े
ललित जैन
नावेद मेनन
इसके अलावा थाना फास्टरपुर में अपराध क्रमांक 12/2026 और थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 09/2026 के तहत भी फर्जी परिवहन, धोखाधड़ी और अनियमितता के मामले दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों में भी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
