

बिलासपुर।
नेशनल हाईवे-130 पर ग्राम गतौरी के पास पिछले साल अगस्त में हुई हमले की घटना में अब जाकर हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। सीमेंट से लदे ट्रक के हेल्पर पर बाइक सवार बदमाशों ने तलवार और रॉड से हमला किया था। इलाज के बाद वह अपने घर मध्यप्रदेश चला गया, जहां कुछ दिन बाद उसकी मौत हो गई। तकनीकी प्रक्रियाओं और अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मामला जुड़े होने के कारण एफआईआर दर्ज होने में करीब पांच महीने का समय लग गया।
यह घटना 17 अगस्त 2025 की सुबह करीब 4:30 बजे की है। अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी पारसनाथ अपने चालक राज सिंह के साथ ट्रक में सीमेंट लोड कर निकला था। ग्राम गतौरी के पास ट्रक का टायर पंचर हो गया। टायर बदलने के दौरान बाइक पर सवार 4-5 अज्ञात नकाबपोश वहां पहुंचे और बिना कुछ कहे चालक और हेल्पर पर लाठी, डंडे, रॉड और तलवार से हमला कर दिया।
घायल पारसनाथ का प्रारंभिक उपचार सिम्स में कराया गया। इसके बाद वह अपने रिश्तेदार के घर खोडरी चला गया और कुछ समय तक बेलगहना चौकी क्षेत्र में भी रहा। बाद में वह सीधे अपने घर अनूपपुर जिले के कोतमा चला गया। 23 अगस्त को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
मृत्यु के बाद परिजनों की रिपोर्ट पर मध्यप्रदेश के कोतमा थाना में शून्य में अपराध दर्ज किया गया था। बाद में मर्ग डायरी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर कोनी पुलिस ने बुधवार को हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि पारसनाथ की मौत मारपीट के दौरान आई गंभीर चोटों और उनसे हुए संक्रमण (सेप्टिसीमिया) के कारण हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोनी पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस घटना रात के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही संदेहियों की तलाश में जुटी है। बताया गया है कि घटना कोनी थाना क्षेत्र में हुई, मौत मध्यप्रदेश में हुई और बीच में मृतक अलग थाना क्षेत्र में रहा, इसी कारण कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं में देरी हुई।
अब हत्या का अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
