

बिलासपुर।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र आयुष यादव को उसके परिजन बेहतर इलाज के लिए अपने साथ लखनऊ ले गए हैं। अपोलो हॉस्पिटल में कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं होने और घर से दूरी अधिक होने के कारण परिवार ने आयुष का इलाज घर के नजदीक कराने का फैसला लिया।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर निवासी आयुष यादव सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बीए एलएलबी सेकेंड ईयर का छात्र है। गुरुवार को उसने लाइव वीडियो बनाकर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। घटना के बाद उसे गंभीर हालत में सिम्स से अपोलो हॉस्पिटल रेफर किया गया था। शुक्रवार को उसके पिता प्रमोद यादव और अन्य परिजन बिलासपुर पहुंचे, जहां उन्होंने आयुष से मुलाकात की और पुलिस से घटना के कारणों के संबंध में जानकारी ली।
कोनी थाना प्रभारी भावेश शेंडे ने बताया कि अपोलो हॉस्पिटल में कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं होने के कारण परिजन आयुष को इलाज के लिए लखनऊ ले गए हैं। फिलहाल उसकी स्थिति को लेकर परिजन डॉक्टरों से लगातार संपर्क में हैं।
इधर, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। आयुष के रूम पार्टनर से पूछताछ में सामने आया है कि वह 10 जनवरी को अपने घर गाजीपुर से लौटकर बिलासपुर आया था और उस समय सब कुछ सामान्य था। हालांकि, बीते कुछ दिनों से वह मायूस रहने लगा था और मोबाइल पर इमोशनल पोस्ट भी डाल रहा था।
पुलिस ने आयुष के अन्य दोस्तों से भी पूछताछ की है। वहीं, उसके कुछ दोस्तों ने दबी जुबान में पर्सनल रिलेशन से जुड़ी किसी बात का संकेत दिया है, हालांकि पुलिस इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
