
शशि मिश्रा
बिलासपुर रेल मंडल में एक बार फिर सिग्नल ओवरशूट के कारण मालगाड़ी के 9 वैगन पटरी से उतर गए। इस मामले में संबंधित विभाग की टीम ने जांच शुरु कर दी है। पूछताछ में चालक का कहना है कि जिस समय यह घटना हुई उस समय ट्रेन की स्पीड केवल 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इसके अलावा उसे आगे की स्थिति की कोई भी जानकारी नहीं है।
बिलासपुर रेल मंडल में ट्रेन के डिरेलमेंट और एक ट्रेन से दूसरी ट्रेन के बीच आपसी टक्कर की घटनाएं कम नहीं हो रही है। आटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली के बावजूद रेल प्रशासन भी घटना पर किसी तरह का कोई काबू नहीं कर पा रही है। बिलासपुर रेल मंडल के सिस्टम को सीआरएस ने भी खराब बताया है, जिसके बाद भी कोई सुधार कार्य नहीं हो रहा है। जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को चालक
ज्यादा उत्तर नहीं दिया चालक ने
जांच में चालक से पूछताछ की गई, जिन्होंने मालगाड़ी और इंजन में किसी तरह की कोई समस्या नहीं होने, अचानक बीपी प्रेशर ड्राप होकर गाड़ी खड़ी होने और पटरी से उतरने के अलावा गाड़ी की स्पीड 40 किलोमीटर प्रति रफ्तार की होने की जानकारी दी। इसके अलावा अन्य प्रश्नों के संबंध में उनकी ओर से कोई उत्तर नहीं दिया गया। फिलहाल इस मामले में विभागीय टीम के अफसर अपनी जांच करने के बाद आगे की रिपोर्ट देंगे, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रमोद कुमार और सहायक चालक महाकेश मीणा बिजूरी से खाली एन बाक्स मालगाड़ी लेकर रवाना हुए थे। सोनपुर स्टेशन पार करने के बाद अचानक बीपी प्रेशर ड्राप हुआ और गाड़ी देर रात 2 बजकर 52 मिनट पर अचानक खड़ी हो गई। अचानक
मालगाड़ी के खड़े होने पर चालक ने सहायक चालक को चेक करने के लिए भेजा। सहायक चालक ने देखा कि इंजन से 13वां, 14वां, 15वां, 16वां, 17वां, 18वां, 19वां वैगन एवं ब्रेकवैन से दूसरा और तीसरा वैगन पटरी से उतर गया है।
