छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव, निजी अस्पतालों में भी सरकारी रेट पर होंगी जांचें


रायपुर।
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार सरकारी के साथ-साथ निजी अस्पतालों और लैबों में भी सभी प्रमुख चिकित्सकीय जांचों—जैसे ब्लड टेस्ट, एक्स-रे, सोनोग्राफी, सीटी-स्कैन और एमआरआई—की दरें एक समान करने की तैयारी कर रही है। योजना लागू होने के बाद मरीजों को किसी भी अस्पताल या लैब में तय सरकारी दरों पर जांच की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में रेट लिस्ट चस्पा करना भी अनिवार्य किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
फिलहाल स्थिति यह है कि सरकारी अस्पतालों में जांच या तो मुफ्त होती है या बेहद कम दर पर, लेकिन भीड़ और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण कई बार मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहां जांच के लिए भारी भरकम बिल चुकाने पड़ते हैं। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार ने जांच शुल्क को मानकीकृत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
योजना लागू होने पर कहीं भी करवा सकेंगे जांच
इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में जांच करवा सकेंगे। सभी प्रमुख जांचों के लिए एक तय दर होगी, जिससे मरीजों को सरकारी अस्पतालों की लंबी कतारों में लगने की मजबूरी नहीं रहेगी। खासतौर पर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों पर इलाज और जांच का आर्थिक बोझ कम होगा।
दरें तय करने पर मंथन जारी
सरकार द्वारा जांचों की दरें तय करने को लेकर बड़े स्तर पर मंथन चल रहा है। अधिकारियों के अनुसार दरें इस तरह निर्धारित की जाएंगी कि निजी अस्पताल और लैब संचालक भी इसका विरोध न करें और योजना को सफल बनाने में सहयोग दें। इसके लिए जल्द ही निजी अस्पतालों और लैब संचालकों के साथ बैठक की जाएगी।
सरकारी और निजी जांच शुल्क में बड़ा अंतर
वर्तमान में सरकारी और निजी अस्पतालों में जांच शुल्क में भारी अंतर है।
ब्लड टेस्ट सरकारी अस्पतालों में 50 से 250 रुपये, जबकि निजी में 200 से 500 रुपये तक
ब्लड शुगर 50 से 100 रुपये (सरकारी), 100 से 300 रुपये (निजी)
लिवर-किडनी जांच 100 से 300 रुपये (सरकारी), 500 से 1000 रुपये (निजी)
एक्स-रे 180 से 250 रुपये (सरकारी), 200 से 500 रुपये (निजी)
सीटी स्कैन 600 से 1200 रुपये (सरकारी), निजी में 2500 से 10 हजार रुपये तक
एमआरआई 5 हजार से 15 हजार रुपये तक निजी अस्पतालों में वसूले जाते हैं
(नोट: सीटी स्कैन और एमआरआई के सरकारी रेट बीपीएल/आयुष्मान कार्डधारकों के लिए हैं।)
सरकार का दावा
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ निजी अस्पतालों में होने वाली जांच की दरें भी तय की जा रही हैं, ताकि मरीजों को सस्ता, सुलभ और पारदर्शी इलाज मिल सके।
सरकार की यह पहल लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है और मरीजों को जांच के लिए निजी अस्पतालों में मनमानी दरें चुकाने से राहत मिलेगी।

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