
शशि मिश्रा

गौरेला से पेंड्रारोड के बीच नई रेल लाइन के पास यार्ड में संचालित एक निजी ठेकेदार के गोदाम में भीषण आग लग गई, जिसमें रबर पैड रखे हुए थे। आग के कारण करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इस मामले में आरपीएफ के साथ लोकल पुलिस भी जांच में जुट गई है।
छत्तीसगढ़ ईस्ट वेस्ट रेल कारीडोर के तहत गेवरारोड से पेण्ड्रारोड के बीच नई रेल
लाइन का काम किया जा रहा है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ सरकार, इरकॉन, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड एसईसीएल की ओर से पूरी हो रही है। इसकी लागत 4304.72 करोड़ रुपए से बढ़कर 7448.52 करोड़ रुपए हो गई है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उत्तरी छत्तीसगढ़ में बेहतर परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना और कोरबा क्षेत्र से कोयले के परिवहन को सुगम बनाना है। इसका कार्य काफी धीमी गति से हो रहा है। प्रतिदिन की तरह गेवरारोड से गौरेला पेण्ड्रा नई रेल लाइन का कार्य शुक्रवार को भी किया जा रहा था। इस दौरान दोपहर 12.30 से एक बजे के बीच अचानक मौके पर हंगामा शुरु हो गया। मौके पर काम करने वाले कर्मचारी और मजदूरों को सूचना मिली कि गौरेला ओवरब्रिज के बगल यार्ड में संचालित होने वाले जयपुर के एसआईएल कंस्ट्रक्शन कंपनी के गोदाम में भीषण आग लगी है। गोदाम में रबर पैड रखे हुए थे। यह रबर पैड रेल लाइन निर्माण के दौरान रेलवे ट्रैक और स्लीपर के बीच लगाने
के काम आते हैं। सूचना मिलते ही ठेकेदार और कर्मचारी तत्काल गोदाम की ओर दौड़ पड़े और आग बुझाना शुरु किया। करीब एक से डेढ़ घंटे बाद दमकल पहुंची। दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस आग के कारण गोदाम के अंदर रखे करोड़ों रुपए के रबर पैड जलकर खाक हो गए। जानकारी मिलते ही पेण्ड्रा आरपीएफ की टीम और लोकल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पूछताछ करने के बाद जांच शुरु कर दिया है।
