

बिलासपुर। अब बिजली उपभोक्ताओं को अपने मासिक बिजली बिल का अनुमान लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को हर 30 मिनट में बिजली खपत की सटीक जानकारी मोबाइल पर मिल रही है। इससे उपभोक्ता अपनी खपत पर लगातार नजर रख सकेंगे और अनावश्यक बिजली खर्च से बचत कर पाएंगे।
प्रदेश में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत कुल 55 लाख 63 हजार 405 स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जिनमें से अब तक प्रदेशभर में 35 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कार्य छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के अनुरूप किया जा रहा है।
इन उपभोक्ताओं के यहां लग रहे स्मार्ट मीटर
योजना के तहत कृषि पंपों को छोड़कर सभी घरेलू, गैर-घरेलू और शासकीय कनेक्शनों में पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को ‘मोर बिजली एप’ के माध्यम से बिजली खपत की पूरी जानकारी उपलब्ध हो रही है।
‘मोर बिजली एप’ से मिलेगी हर जानकारी
मोर बिजली एप पर उपभोक्ता दिन, सप्ताह और महीने के अनुसार अपनी बिजली खपत का विवरण देख सकते हैं। इसके साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि किस समय सबसे ज्यादा बिजली खर्च हो रही है, जिससे उपभोक्ता उसी अनुसार अपनी खपत को नियंत्रित कर सकेंगे।
सही बिलिंग, शिकायतों में कमी
बिजली विभाग के कार्यकारी निदेशक (ईडी) ए.के. अम्बस्ट के अनुसार स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को कई तरह के लाभ मिल रहे हैं। रियल टाइम डेटा मिलने से समय पर और सही बिलिंग सुनिश्चित हो रही है। वहीं, मीटर रीडिंग से जुड़ी शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से न केवल बिजली विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी हो रही है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिजली खपत और बिल से जुड़ी सटीक, समयबद्ध और भरोसेमंद जानकारी मिल रही है।
