

बिलासपुर। संपत्ति हड़पने की नीयत से एक बहू द्वारा सास के जीवित रहते हुए उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर बेशकीमती जमीन अपने और बेटी के नाम कराने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले के ग्राम नारायणपुर मारो निवासी 82 वर्षीय शैल शर्मा वर्तमान में बिलासपुर के मन्नू चौक क्षेत्र में निवास कर रही हैं। पीड़िता की विधवा बहू रंजना शर्मा ने वर्ष 1993 में साजिश रचकर शैल शर्मा की मृत्यु दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। आरोप है कि 2 अप्रैल 1993 को बहू ने यह दिखाते हुए फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया कि शैल शर्मा की मौत 26 मार्च 1993 को हो चुकी है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रंजना शर्मा ने मध्य प्रदेश के सतना जिले के ग्राम सोनौरा में स्थित बेशकीमती जमीन का नामांतरण अपने और अपनी बेटी दृष्टिका तिवारी के नाम पर करवा लिया। लंबे समय बाद जब पीड़िता को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड में आपत्ति दर्ज कराई और न्याय की गुहार लगाई।
पीड़िता की रिपोर्ट पर सिटी कोतवाली पुलिस ने 31 साल पुराने इस मामले में अपराध दर्ज किया है। सिटी कोतवाली प्रभारी देवेश राठौर ने बताया कि चूंकि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बेमेतरा जिले के मारो चौकी क्षेत्र से बनवाया गया था और संपत्ति मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित है, इसलिए पुलिस ने शून्य में अपराध दर्ज किया है। आगे की कार्रवाई के लिए केस डायरी मारो चौकी भेजी जा रही है।
सावधानी जरूरी
जानकारों का कहना है कि संपत्ति से जुड़े विवादों से बचने के लिए अपने भू-अभिलेख समय-समय पर ऑनलाइन पोर्टल जैसे भुइयां या एमपी लैंड रिकॉर्ड पर जांचते रहना चाहिए। यदि परिवार में किसी प्रकार का विवाद हो तो संबंधित तहसील कार्यालय में पूर्व में ही आपत्ति दर्ज कराना और किसी भी प्रकार के नामांतरण या अधिकार हस्तांतरण से पहले कानूनी सलाह लेना आवश्यक है।
