

बिलासपुर।
सकरी स्थित स्कूल परिसर में सोमवार को प्रस्तावित 46 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम को ऐन वक्त पर स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम के कार्ड छप चुके थे, शेड्यूल जारी हो चुका था और सुबह 11.30 बजे आयोजन होना तय था, लेकिन केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय से आए एक फोन के बाद प्रशासन ने कार्यक्रम रद्द करने का ऐलान कर दिया। जनसंपर्क विभाग की ओर से दोपहर 12.18 बजे कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना जारी की गई।
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के ई-कार्ड में डिप्टी सीएम अरुण साव, क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के नाम तो शामिल थे, लेकिन केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद तोखन साहू का नाम कार्ड में नहीं था। जबकि जिन 46 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन होना था, उनमें कामकाजी हॉस्टल केंद्र सरकार के फंड से बन रहा है, जिसका वर्चुअल भूमिपूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही कर चुके हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सुबह कार्यक्रम शुरू होने से पहले केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय से कलेक्टर को फोन आया, जिसमें सांसद का नाम न होने पर आपत्ति जताई गई। इसके साथ ही संगठन स्तर पर भी नाराजगी सामने आई। इसके बाद आनन-फानन में कार्यक्रम स्थगित करने का निर्णय लिया गया। जैसे ही यह सूचना बाहर आई, भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
अफसरों में भी असमंजस
स्थानीय नेताओं के बीच खींचतान का असर प्रशासनिक अमले पर भी साफ नजर आया। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाती है, लेकिन कई बार संगठन के कुछ नेता भी मंच पर बैठ जाते हैं, जिन्हें रोका नहीं जा पाता। इससे जनप्रतिनिधियों के लिए असहज स्थिति बनती है और अंततः सारा आरोप प्रशासन पर आ जाता है।
विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप
कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी प्रमोद नायक ने कार्यक्रम स्थगित होने को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेताओं के वर्चस्व की लड़ाई में शहर का विकास प्रभावित हो रहा है। नगर निगम के 70 वार्ड आज भी सफाई और मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं। एमआईसी की बैठकों में भी आपसी टकराव देखने को मिल रहा है। इन घटनाओं से साफ है कि भाजपा के भीतर अंदरखाने खींचतान चल रही है।
पहले भी रद्द हो चुके हैं कार्यक्रम
यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े कार्यक्रम को ऐन वक्त पर रद्द किया गया हो। इससे पहले भी दो बार ऐसी स्थिति बन चुकी है। बैठक व्यवस्था को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं। अटल यूनिवर्सिटी में पूर्व राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान विधायक सुशांत शुक्ला के बैठने की जगह को लेकर चर्चा हुई थी। वहीं युवा महोत्सव में विधायकों के लिए पीछे की सीट तय होने पर भी नाराजगी सामने आई थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह पूरी तरह प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है और प्रोटोकॉल का सही पालन नहीं किया गया।
बड़े स्तर पर होगा अब आयोजन
नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने कहा कि इस लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में कुछ प्रोजेक्ट छूट गए थे। सभी को शामिल कर अब बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
