एटीआर में फायरिंग मामला: तीन आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत


बिलासपुर।
अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) के सुरही रेंज में फायरिंग के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को सोमवार को न्यायालय से राहत नहीं मिली। मुंगेली न्यायालय ने विभाग की आपत्ति के बाद तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। आरोपियों को 16 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एटीआर प्रबंधन के अनुसार, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई करते हुए अजीतदास वैष्णव (26), निवासी वार्ड 02 राजाबाड़ा लोरमी; विक्रांत वैष्णव (36), निवासी ग्राम तुमडीबोड, थाना तुमडीबोड, जिला राजनांदगांव; और अनिकेत मौर्य (27), निवासी वार्ड नंबर 13, मुंगेली रोड लोरमी को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से वाहन जब्त कर उसमें से दो बंदूकें बरामद की गई हैं, जबकि दो अन्य हथियारों की तलाश जारी है।
विभाग की ओर से न्यायालय में दलील दी गई कि प्रकरण में एक आरोपी अभी फरार है, इसलिए जमानत न दी जाए। बताया जा रहा है कि फरार आरोपी कोरबा का निवासी है और उसके पिता भाजपा नेता हैं। आरोप है कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। वहीं, जब्त वाहन को राजसात करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
मामले में भारतीय वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 27, 29, 38, 39, 50 एवं 51 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही हथियारों के कैलिबर निर्धारण और बैलिस्टिक जांच के लिए जब्त हथियार रायपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए हैं। बैलिस्टिक रिपोर्ट आने के बाद हथियारों की लाइसेंस वैधता और आयुध अधिनियम, 1959 व भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक मुंगेली से विधिक मार्गदर्शन लिया जा रहा है।
इधर, छत्तीसगढ़ वाइल्ड लाइफ बोर्ड के सदस्य गोपाल अग्रवाल ने इस घटना को लेकर एटीआर के डिप्टी डायरेक्टर यू.आर. गणेश को जिम्मेदार ठहराया है।

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