

बिलासपुर।
हिंदू संगठन से जुड़े 19 वर्षीय कार्यकर्ता नरेश साहू की खुदकुशी के मामले में लापरवाही बरतने पर सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ एसआई गणेश राम महिलांगे को एसएसपी रजनेश सिंह ने लाइन अटैच कर दिया है। वहीं मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच का जिम्मा आईपीएस अधिकारी गगन कुमार को सौंपा गया है।
मुंगेली के बामपारा निवासी 19 वर्षीय नरेश साहू सरकंडा थाना क्षेत्र में प्राइवेट नौकरी करता था। कुछ दिन पहले वह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पुतला दहन को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुआ था, जिसका वीडियो उसने सोशल मीडिया पर भी साझा किया था। इसी दौरान नरेश ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी सोहेल खान ने उसकी बाइक रोककर उसे धमकाया और कथित तौर पर मारपीट की।

इसके कुछ समय बाद नरेश साहू ने मुंगेली स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने एक वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में नरेश ने अपनी मौत के लिए सोहेल खान को जिम्मेदार ठहराया और यह भी आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी के पक्ष में बयान बदलवाने का दबाव बना रही थी।
मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। संगठनों के दबाव के बाद पुलिस ने सोहेल खान को गिरफ्तार किया। हालांकि अब इस पूरे प्रकरण में नया मोड़ आने के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस के पास ऐसे महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं, जिनसे यह मामला पूरी तरह पलट सकता है। बताया जा रहा है कि कुछ सीसीटीवी फुटेज ऐसे भी हैं, जो इस घटना को एक गहरी साजिश की ओर इशारा करते हैं। इन सबूतों के आधार पर आगे की जांच में आरोप लगाने वाले पक्ष भी संदेह के घेरे में आ सकते हैं और वे स्वयं आरोपी बन सकते हैं।
फिलहाल जनदबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच में लापरवाही के आरोप में एसआई को लाइन अटैच कर दिया है और उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। आईपीएस गगन कुमार द्वारा की जा रही जांच के बाद आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरी कहानी बदल सकती है।
