


बिलासपुर। सोशल मीडिया फेसबुक पर सस्ते दाम में मोटरसाइकिल खरीदने का लालच एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। फेसबुक पर बिक्री के लिए डाली गई बाइक के विज्ञापन पर भरोसा कर प्रार्थी ने कथित विक्रेता के बताए अनुसार अलग-अलग किश्तों में ऑनलाइन भुगतान कर दिया, लेकिन न तो बाइक मिली और न ही विक्रेता से संपर्क हो सका।

हेमूनगर निवासी शंकर दत्ता कई बार पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं उन्होंने तोरवा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने फेसबुक पर एक Hero HF Deluxe मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 11 AT 1242) का विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम हितेश कर्ष बताते हुए स्वयं को सेना का जवान बताया और नागपुर में पदस्थ होने का दावा किया। उसने व्हाट्सएप पर बाइक की आरसी की प्रति भेजी और सेना के ट्रक से बाइक बिलासपुर भेजने की बात कही। शंकर दत्ता ने अपने एक परिचित जानकार से इसकी तस्दीक कराई तो कथित तौर पर आरसी बुक में दर्ज नाम और विक्रेता का नाम समान होने से उनका भरोसा बढ़ गया।

आरोपी ने पहले दस्तावेज तैयार कराने और फिर जीपीएस रिचार्ज के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर राशि जमा कराई। बाद में उसके कथित साथी प्रवीन कुमार ने भी फोन कर विभिन्न कारण बताते हुए और पैसे ट्रांसफर कराए। पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में कुल करीब 29,149 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए और बाइक भी नहीं पहुंची, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

पीड़ित ने तत्काल साइबर क्राइम कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल के निर्देश पर उन्होंने थाना तोरवा में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा ठगी की राशि वापस दिलाने की मांग की है। लेकिन अब तक इस मामले में कोई सफलता हाथ नहीं लगी है । इस मामले में भी लोगों का भरोसा जीतने के लिए ठगो ने स्वयं को आर्मी मैन बताया ।आमतौर पर आदमी आर्मी के लोगों पर सहज भरोसा कर लेता है। इन ठगों ने खुद को जांजगीर चाम्पा निवासी बताया । जाहिर है उनके फोन नंबर से लेकर एड्रेस और बाकी सब कुछ भी फर्जी ही होंगे। पुलिस मामला दर्ज कर ठगों का पता कर रही है।
लोगों के लिए सावधानी:

ऑनलाइन या सोशल मीडिया पर सस्ते दाम में वाहन बेचने वाले विज्ञापनों पर बिना पूरी जांच-पड़ताल किए भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अग्रिम भुगतान या क्यूआर कोड स्कैन कर पैसे ट्रांसफर न करें। वाहन खरीदने से पहले उसकी वास्तविक मौजूदगी, विक्रेता की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

