


बिलासपुर। शहर के क्रांतिनगर क्षेत्र में रामा ग्रुप के संचालक के बंगले में तेज रफ्तार कार घुसाने के मामले में तारबाहर पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए कार चालक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक तौर पर सड़क हादसा मानकर जांच शुरू करने वाली पुलिस ने अब प्रार्थी की शिकायत और जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। आरोपी निजी बैंक में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार और मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 239/2026 के तहत धारा 109(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशीष तिवारी (45 वर्ष), पिता घनश्याम तिवारी, निवासी बद्रीपुर रोड, नेहरूग्राम, आंशिक धर्मपुर, जिला देहरादून (उत्तराखंड) के रूप में हुई है। वह बिलासपुर स्थित इंडसइंड बैंक में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत है और पिछले करीब डेढ़ वर्ष से क्रांतिनगर में किराए के मकान में रह रहा था।
मेन गेट तोड़ते हुए घर के अंदर घुसी कार
पुलिस के मुताबिक, 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे प्रार्थी संजय अग्रवाल अपने मकान के बरामदे में टहल रहे थे। उसी दौरान तेज रफ्तार से आई कार एमपी-04-सीएक्स-6273 ने बंगले का मुख्य लोहे का गेट तोड़ दिया और करीब 30 फीट अंदर तक घुसते हुए दरवाजे, खिड़कियों और हॉल की दीवार को क्षतिग्रस्त कर दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घर के भीतर लगा मोटा टफन ग्लास का पार्टीशन भी चकनाचूर हो गया और भारी-भरकम लोहे का गेट कई टुकड़ों में बिखर गया।
प्रार्थी ने अपनी शिकायत में बताया कि घटना के समय वह और उनके परिवार के सदस्य किसी तरह समय रहते वहां से हट गए, जिससे उनकी जान बच गई। उनका कहना है कि यदि वे नहीं हटते तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी।
पहले हादसा माना, अब हत्या के प्रयास का केस
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे एएसपी सिटी पंकज कुमार पटेल, सीएसपी गगन कुमार तथा तारबाहर थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। प्रारंभिक जांच में चालक के नशे में होने की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस उस समय यह भी जांच कर रही थी कि यह महज सड़क दुर्घटना थी या किसी साजिश का हिस्सा।
हालांकि, प्रार्थी की शिकायत और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मामला गंभीर मानते हुए हत्या के प्रयास का अपराध दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि गली में खड़े अन्य किसी वाहन को नुकसान नहीं पहुंचा, जबकि कार सीधे प्रार्थी के घर के मुख्य गेट को तोड़ते हुए अंदर घुसी। इसी आधार पर विभिन्न पहलुओं से विवेचना की जा रही है।
त्वरित कार्रवाई कर आरोपी गिरफ्तार
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिटी कोतवाली गगन कुमार तथा थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार क्रमांक एमपी-04-सीएक्स-6273 तथा एक मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जांच अभी भी जारी
तारबाहर पुलिस का कहना है कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह, आरोपी की मंशा तथा अन्य सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी।
