

बिलासपुर ,होटल ग्रांड अर्जुन तिफरा में ए बी के एम एस फाउंडेशन के 5 वे स्थापना दिवस के अवसर पर साझा संकलन ‘वतन के वास्ते जीना,वतन के वास्ते मरना’ पुस्तक का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डाॅ विनय कुमार पाठक पूर्व राजभाषा आयोग के अध्यक्ष एवं कुलपति थावे विश्व विद्यालय विहार,अति विशिष्ट अतिथि पूर्व न्याय मूर्ति श्री चन्द्र भूषण वाजपेयी, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, महर्षि महाविद्यालय के कुलपति श्री नरेश तिवारी जी, पत्रकार कवि एवं उपन्यासकार श्री केशव शुक्ला, पूर्व आई एस एस अधिकारी एवं समीक्षक डॉ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, बीजेपी नेत्री एवं समाज सेविका श्रीमती स्मृति जैन और डॉ एस के निराला प्राचार्य शासकीय जे पी वर्मा महाविद्यालय बिलासपुर के कर कमलों द्वारा गरिमामयी माहौल में विमोचन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ विनय कुमार पाठक ने कहा कि वतन के वास्ते जीना वतन के वास्ते मरना संकलित पुस्तक एक ऐसे भाव बोध का संकेत करता है जहाँ राष्ट्र, राष्ट्रीयता, मातृभूमि और हमारी सांस्कृतिक विरासत एक साथ एक ही पुस्तक में समादृत होकर राष्ट्रीय चेतना को जागृत करते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व न्यायमूर्ति श्री चन्द्र भूषण वाजपेयी ने पुस्तक की उपादेयता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश प्रेम और राष्ट्रीय भावना से सिक्त यह पुस्तक निश्चित रूप से भारत के युवाओं को आकर्षित करेगी।
विशिष्ट अतिथि पूर्व आई एस एस एवं समीक्षक डॉ रमेश चन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि शीर्षक से ही स्पष्ट है कि पुस्तक में भारत राष्ट्र की राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मंजुल समन्वय कर पाठकों को नव जागरित सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से परिचित कराने का समग्र प्रयास किया गया है।
विशिष्ट अतिथि भाजपा नेत्री एवं समाज सेवी श्रीमती स्मृति वैष्णव जैन ने पुस्तक में संकलित कविताओं के कवियों को बधाई देते हुए कहा कि पाठक गण और खासतौर पर युवा जनों के लिए निश्चित रूप से यह पुस्तक प्रेरणास्रोत का कार्य करेगा।

डॉ श्याम लाल निराला व श्री नरेश तिवारी जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इससे पूर्व संपादक डॉ प्रीति प्रसाद ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर साहित्य में उत्कृष्ट कार्य के लिए कवियों को सम्मानित किया गया। तत्पश्चात काव्य गोष्ठी के आयोजन में कवियों के बीररस और ओजपूर्ण कविताओं ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच संचालन डॉ किरण राठौर और धन्यवाद ज्ञापन भूपेंद्र श्रीवास्तव ने किया। श्रीमती आरती अंबष्ट ने अतिथियों का स्वागत किया। पुस्तक का संपादन डाॅ प्रीती प्रसाद और भूपेंद्र श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया है।

इस अवसर पर प्रयास प्रकाशन द्वारा डाॅ प्रीति प्रसाद का स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों में डाॅ राघवेंद्र दूबे,विष्णु कुमार तिवारी,गजेन्द्र तिवारी,शत्रुघ्न जैसवानी प्रमुख थे।
इस अवसर पर डॉ मकरध्वज श्रीवास्तव, डॉ शिवशरण श्रीवास्तव,अशोक शर्मा, दीपक दूबे, विनय पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रोता जन उपस्थित थे
