

बिलासपुर। शुक्रवार को बिलासपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने शहर में भारी तबाही मचाई। एक ही रात में हुई रिकॉर्ड बारिश के कारण निचली बस्तियां जलमग्न हो गईं और सैकड़ों परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में सरकंडा का अशोकनगर और आसपास की बस्तियां शामिल हैं, जहां 500 से अधिक परिवार आज भी इस प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहे हैं।

कहीं कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए, तो कहीं घरों में रखा अनाज पानी में भीगकर खराब हो गया। बच्चों की किताबें, कपड़े, बिस्तर और दैनिक उपयोग का सामान भी पानी में बह गया। कई परिवारों के सामने दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया। ऐसे हालात में जहां सरकारी राहत की प्रक्रिया सीमित नजर आई, वहीं सामाजिक संगठन भगवा ब्रिगेड प्रभावित परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया।

अपने दर्द को भूल दूसरों के आंसू पोंछने निकले राम सिंह ठाकुर

इस राहत अभियान की सबसे भावुक तस्वीर संगठन के प्रमुख ठाकुर राम सिंह की रही। विडंबना यह रही कि उनका अपना छोटा-सा झोपड़ीनुमा घर भी बारिश के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुआ। घर में पानी भरने से सामान अस्त-व्यस्त हो गया और पूरे दिन से लेकर देर रात तक वे अपने घर को संभालने में जुटे रहे।
लेकिन जैसे ही विभिन्न बस्तियों से लोगों की परेशानी की सूचना मिली, उन्होंने अपने निजी नुकसान की परवाह किए बिना राहत कार्य शुरू कर दिया। रात तक अपने घर की व्यवस्था करने के बाद भी वे स्वयं बाढ़ प्रभावित इलाकों में निकल पड़े और मुरूम खदान बस्ती सहित कई क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों का हाल जाना।

हजारों लोगों तक पहुंचा भोजन
भगवा ब्रिगेड के स्वयंसेवकों ने लगातार भोजन के पैकेट तैयार कर प्रभावित परिवारों तक पहुंचाए। संगठन के कार्यकर्ता बारिश और जलभराव के बीच घर-घर जाकर जरूरतमंद लोगों तक भोजन और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में जुटे रहे। कई ऐसे परिवार, जिनके घरों में चूल्हा तक नहीं जल पाया था, उन्हें संगठन की ओर से राहत उपलब्ध कराई गई।

“जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे, मदद जारी रहेगी”
राहत कार्य के दौरान ठाकुर राम सिंह ने स्वयंसेवकों से कहा कि संकट की इस घड़ी में किसी भी जरूरतमंद हिन्दू परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने आह्वान किया कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक भोजन के पैकेट और आवश्यक सहायता का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।

सेवा भावना की हो रही सराहना
प्राकृतिक आपदा के बीच भगवा ब्रिगेड और उसके स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे राहत कार्य की शहरभर में चर्चा है। विशेष रूप से ठाकुर राम सिंह का अपने निजी नुकसान को पीछे छोड़कर पीड़ित परिवारों की सेवा में जुट जाना लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना हुआ है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कई परिवार जीवन की सबसे कठिन घड़ी से गुजर रहे थे, तब भगवा ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं ने उनके बीच पहुंचकर सेवा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह मानवीय संवेदनाओं की मिसाल है। अपने घर में आई विपत्ति के बावजूद दूसरों के लिए खड़े रहने का ठाकुर राम सिंह का समर्पण और सेवा भावना इस आपदा के बीच मानवता की सबसे मजबूत तस्वीर बनकर सामने आई है।
