

बिलासपुर। न्यायालय परिसर में हंगामा कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने के मामले में बिलासपुर पुलिस ने मुख्य आरोपी अमृतदास डहरिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। आरोपी के खिलाफ सिविल लाइन थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 15 नवंबर 2025 का है। उस दिन थाना तखतपुर के अपराध क्रमांक 645/2025 में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के एक आरोपी को न्यायिक रिमांड के लिए बिलासपुर स्थित विशेष एट्रोसिटी न्यायालय में पेश किया गया था।
इसी दौरान अमृतदास डहरिया और उसके अन्य साथी एकजुट होकर न्यायालय परिसर में पहुंच गए और आरोपी के समर्थन में हंगामा करने लगे। आरोप है कि उन्होंने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे शासकीय एवं न्यायालयीन कार्य बाधित हुआ। पुलिस का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए अश्लील गाली-गलौज की, आरोपी को बाहर निकालने की मांग की तथा जान से मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
घटना के संबंध में प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन में प्रथम दृष्टया अपराध पाए जाने पर आरोपियों के विरुद्ध धारा 191(2), 221, 132, 296 एवं 351(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अमृतदास डहरिया (28 वर्ष), पिता तारणदास डहरिया, निवासी ग्राम बेलसरी, थाना तखतपुर, जिला बिलासपुर को 18 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य, न्यायालयीन प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई की जाएगी।
