

बिलासपुर। अपोलो अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच शुक्रवार को जिला प्रशासन की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की उपस्थिति में हुई इस बैठक में मरीजों के इलाज, आयुष्मान भारत योजना के सीमित लाभ, आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, एंबुलेंस व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी मुद्दों पर आवश्यक सुधार करने और व्यवस्थागत बदलाव का भरोसा दिया।
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि अपोलो अस्पताल के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। अस्पताल का पहला दायित्व मरीज की जान बचाना है और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को इलाज से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि कैंसर की तरह हृदय, किडनी, फेफड़े, मस्तिष्क और न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारियों का इलाज भी आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध कराया जाए।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि अस्पताल में 24 घंटे अत्याधुनिक एंबुलेंस और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि आपातकालीन स्थिति में उपचार में होने वाली थोड़ी-सी देरी भी मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इलाज की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने, मरीजों की शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की मांग भी रखी।
अस्पताल प्रबंधन ने सुधार का दिया भरोसा
अपोलो अस्पताल के यूनिट हेड अभय गुप्ता ने बैठक में बताया कि अस्पताल की एंबुलेंस व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कैंसर मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिया जा रहा है। वहीं हार्ट, किडनी, लंग्स, ब्रेन और न्यूरो संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को भी इस योजना के दायरे में लाने के लिए अस्पताल का मुख्य प्रबंधन विचार करेगा और जल्द निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन ने मरीजों के हितों पर दिया जोर
बैठक के दौरान जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मरीजों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर और एसएसपी ने अस्पताल प्रबंधन से जवाबदेह, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि बैठक में दिए गए आश्वासनों पर अमल नहीं हुआ तो जनहित में आगे आंदोलन किया जाएगा।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
बैठक में गरीब एवं पात्र मरीजों को आयुष्मान भारत योजना का अधिकतम लाभ दिलाने, 24 घंटे एंबुलेंस सेवा को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, मरीजों की शिकायतों का त्वरित समाधान करने तथा उपचार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर सहमति बनी। अस्पताल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि इन सभी बिंदुओं पर जल्द कार्यवाही शुरू की जाएगी।
यदि हार्ट, किडनी, फेफड़े, मस्तिष्क और न्यूरो संबंधी बीमारियों को भी आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
