
बिलासपुर। तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में गुरुवार को 9वीं और 11वीं की पूरक परीक्षा के दौरान पालकों और स्कूल प्रबंधन के बीच विवाद हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर मामला शांत कराया। पालकों ने विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किए जाने और विशेष कक्षाएं नहीं लगाने का आरोप लगाया।
जानकारी के अनुसार, 9वीं के 23 और 11वीं के 20 विद्यार्थी अपने पालकों के साथ पूरक परीक्षा देने स्कूल पहुंचे थे। ये विद्यार्थी एक या अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण हुए थे। पालकों का आरोप है कि शिक्षा विभाग के निर्देश के बावजूद अवसर परीक्षा से पहले विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाएं नहीं लगाई गईं, जिससे बच्चों को बिना तैयारी के परीक्षा देनी पड़ी।
पालकों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने पहले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में ऐसा नहीं किया गया। उनका कहना है कि पूरक परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है तथा कुछ शिक्षकों का व्यवहार भी उचित नहीं है। आरोप है कि बच्चों से अपमानजनक भाषा में बात की गई और कुछ विद्यार्थियों को स्कूल परिसर से बाहर भी निकाल दिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पालकों ने यह भी कहा कि कई विद्यार्थी 10वीं कक्षा में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण हुए थे, लेकिन 11वीं में अनुत्तीर्ण हो गए, जिससे विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, कलेक्टर कार्यालय और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
समझौते के बाद निकला समाधान
पुलिस और स्कूल प्रबंधन की मौजूदगी में हुई चर्चा के बाद सहमति बनी कि पूरक परीक्षा वाले विद्यार्थियों को अगली कक्षा में सशर्त प्रमोट किया जाएगा। हालांकि, जिन विषयों में वे अनुत्तीर्ण हुए हैं, उनकी परीक्षा देना अनिवार्य होगा। परीक्षा में सफल होने पर विद्यार्थी नियमित रूप से अगली कक्षा में अध्ययन जारी रख सकेंगे, जबकि असफल होने की स्थिति में उन्हें संबंधित कक्षा में ही अध्ययन करना होगा।
समझौते के बाद विवाद शांत हो गया और विद्यार्थियों ने पूरक परीक्षा में हिस्सा लिया।
