
बिलासपुर। बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट के विस्तार कार्यों को जल्द गति मिलने की उम्मीद है। राज्य शासन ने टर्मिनल बिल्डिंग के विस्तार के लिए 6.50 करोड़ रुपये की लागत वाले प्रोजेक्ट का टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नाइट लैंडिंग सुविधा शुरू होने के बाद बढ़ती यात्री संख्या और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए टर्मिनल का विस्तार किया जा रहा है।
योजना के तहत वर्तमान में मौजूद एक बोर्डिंग गेट की जगह तीन बोर्डिंग गेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए वेटिंग एरिया और मूवमेंट एरिया का भी विस्तार किया जाएगा, ताकि भविष्य में उड़ानों की संख्या बढ़ने पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
करीब चार महीने पहले सेना से एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन मिलने के बावजूद विकास कार्य अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पाए थे। हालांकि अब टर्मिनल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसकी रूपरेखा पूर्व कलेक्टर अवनीश शरण के कार्यकाल में तैयार की गई थी। उस समय तत्कालीन नगर निगम आयुक्त अमित कुमार के साथ एयरपोर्ट का निरीक्षण कर डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया था।
सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल और पेरीफेरी रोड भी प्रस्तावित
एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए 6.50 करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल तथा 6.79 करोड़ रुपये की लागत से पेरीफेरी रोड निर्माण का प्रस्ताव पहले ही राज्य शासन को भेजा जा चुका है। हालांकि बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण इन कार्यों की शुरुआत नहीं हो सकी है। अब इन परियोजनाओं के लिए नए सिरे से भी प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
एयरपोर्ट के नोडल अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बताया कि टर्मिनल बिल्डिंग के विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। पेरीफेरी रोड और बाउंड्रीवॉल के प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके हैं और अब इन कार्यों के लिए नए सिरे से भी प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे।
56 करोड़ रुपये का रनवे विस्तार प्रस्ताव तैयार
एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए 56 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया जा रहा है। राज्य सरकार ने बजट में जगदलपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास के लिए कुल 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि इसमें से करीब 26 करोड़ रुपये बिलासपुर एयरपोर्ट को मिल सकते हैं।
वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे 1,498 मीटर लंबा है, जिसे बढ़ाकर 2,880 मीटर करने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार रनवे विस्तार का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में स्वीकृत राशि से काम शुरू होगा, जबकि शेष राशि अगले चरण में उपलब्ध कराई जाएगी।
