
बिलासपुर। तारबाहर थाना पुलिस ने म्यूल (Mule) बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इस मामले में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार 13 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि व्यापार विहार स्थित स्टेट बैंक के आसपास एक व्यक्ति लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए तैयार कर रहा है। सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश में जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पहले ही दीपेश कुमार गुप्ता, नवनीत मिश्रा, ऋषभ साहू और राजा घरानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका था। विवेचना के दौरान साइबर सेल से मिले तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर दो अन्य फरार आरोपियों के रायपुर में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने रायपुर में दबिश देकर अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24), दोनों निवासी मौदहापारा, रायपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन के बदले म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन में किया जाता था। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 317(4), 112 और 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क की जांच अभी जारी है और मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है।
