

लंबी प्रतीक्षा के बाद बिलासपुर नगर निगम के लिए एल्डरमैन की सूची जारी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि पिछली सूची में कुछ कांग्रेसियों के भी नाम शामिल हो जाने से रायपुर और बिलासपुर की सूची रोक दी गई थी। गुरुवार को बिलासपुर जिले के अलग-अलग निकायों के लिए नामांकित पार्षदों के नाम घोषित किए गए।
बिलासपुर नगर पालिका निगम के लिए शेखर पाल, जुगल किशोर अग्रवाल ,योगेश बोले, चंद्र प्रकाश मिश्रा, देवाशीष घोष , विष्णु सोनी , अशोक ठाकुर, ज्ञानचंद कौशिक, रामू साहू , संतोष कुमार दुबे और भगवती साहू का नाम घोषित किया गया है। इनमें से देवाशीष घोष कांग्रेस से बीजेपी में आए हैं। देवाशीष घोष के रूप में बंगाली समाज को नगर निगम में अपना प्रतिनिधि मिला है ।रतनपुर नगर पालिका में लोकेश्वर तिवारी, दिनेश प्रभाकर, विनोद जायसवाल, सुरेश सोनी और संतोष यादव का नाम घोषित किया गया है। बिल्हा से अभय अग्रवाल, संदीप सलूजा और विश्वास मानिकपुरी, बोदरी से बलदेव गिरी गोस्वामी, देवेंद्र कौशिक, सुनील मलकानी, ज्योति कुलदीप और घासीराम श्रीवास के नाम सामने आए हैं तो वही तखतपुर से आरती शिवहरे, लक्ष्मी पांडे सुनील देवांगन, किशन सचदेव और ज्ञान सिंह ठाकुर के नाम घोषित हुए हैं ।
अमितेश विज्जु आर्य बने एल्डरमैन
मुंगेली नगर पालिका से डॉक्टर संजय वर्मा, डॉक्टर लेखू साहू, अमितेश आर्य , राजहंस तंबोली और खेमराज मोहले की नियुक्ति हुई है तो वही लोरमी से अमिताभ तिवारी, अशोक साहू, विनोद सिंह राजपूत , नितेश अग्रवाल और दुष्यंत खत्री एल्डरमेन बनाए गए हैं। सरगांव से पंकज वर्मा, गोपाल जुनेजा और राजकुमार साहू की नियुक्ति हुई है।
नगर निगम एल्डरमैन (Alderman) नगर निगम का मनोनीत (नामांकित) सदस्य होता है। इसे जनता सीधे चुनाव से नहीं चुनती, बल्कि राज्य सरकार के नियमों के अनुसार निर्वाचित पार्षदों द्वारा या निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामित किया जाता है।
एल्डरमैन की मुख्य बातें:
- नगर प्रशासन, कानून, समाजसेवा या अन्य क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को एल्डरमैन बनाया जा सकता है।
- वे नगर निगम की बैठकों में भाग लेते हैं और अपने अनुभव के आधार पर सुझाव देते हैं।
- कई राज्यों में एल्डरमैन को समिति की बैठकों में भाग लेने और चर्चा करने का अधिकार होता है, लेकिन महापौर (मेयर) या सभापति के चुनाव तथा अविश्वास प्रस्ताव जैसे मामलों में मतदान का अधिकार नहीं होता। यह अधिकार संबंधित राज्य के नगर निगम कानून पर निर्भर करता है।
- उनका कार्यकाल भी राज्य के कानून और नगर निगम के नियमों के अनुसार निर्धारित होता है।
सरल शब्दों में, एल्डरमैन नगर निगम का अनुभवी मनोनीत सदस्य होता है, जिसका उद्देश्य नगर प्रशासन को बेहतर बनाने में सलाह और सहयोग देना होता है। वह निर्वाचित पार्षद नहीं होता, बल्कि अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर निगम से जुड़ता है।
देखिए पूरी सूची





