
बिलासपुर। शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब ठगों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि ठगी करने के बाद वे खुद पीड़ित को फोन कर घटना की जानकारी भी दे रहे हैं। सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में एक वरिष्ठ नागरिक के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां बैंक खाते से करीब दो लाख रुपये निकालने के बाद आरोपी ने कॉल कर इसकी जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, रुचिका विहार कॉलोनी निवासी देवेंद्र कुमार के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जो उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। यह सुनकर देवेंद्र कुमार ने तत्काल अपना बैंक ऑफ महाराष्ट्र का खाता चेक किया, जिसमें बैलेंस शून्य मिला।
जांच में सामने आया कि साइबर ठगों ने सात अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से कुल 1 लाख 99 हजार 285 रुपये निकाल लिए थे। पीड़ित ने दोबारा उस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने कॉल रिसीव नहीं किया।
सिरगिट्टी थाना प्रभारी वाई.पी. सिंह ने बताया कि मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बिना कॉल और ओटीपी के खाते से 90 हजार रुपये पार
साइबर ठगी का एक अन्य मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आया है। मसानगंज निवासी तस्नीम शब्बीर कमाल ने पुलिस को बताया कि 28 जून को उनकी परिचित वीना मूलचंदानी ने फोन कर 10 हजार रुपये की आवश्यकता बताई। तस्नीम ने फोनपे के माध्यम से राशि भेजने का प्रयास किया, लेकिन पर्याप्त बैलेंस नहीं होने का संदेश मिला। दोबारा प्रयास भी असफल रहने पर उन्होंने बैंक खाता जांचा तो उसमें बैलेंस शून्य मिला।
पीड़िता के अनुसार, बिना किसी कॉल, ओटीपी या बैंक अलर्ट के ही उनके खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस साइबर ठगी के दोनों मामलों की जांच कर रही है।
