
शशि मिश्रा

बिलासपुर। पूर्व पार्षद विष्णु यादव ने मौजा चांटीडीह स्थित अपनी भूमि से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और राजस्व रिकॉर्ड में कूटरचना का आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को आवेदन सौंपकर राजस्व रिकॉर्ड में सुधार कराने की मांग भी की है।
विष्णु यादव का आरोप है कि मौजा चांटीडीह, पटवारी हल्का क्रमांक 20/33, राजस्व निरीक्षक मंडल सरकंडा स्थित खसरा नंबर 381/7 की 0.70 एकड़ भूमि को रिकॉर्ड में कथित रूप से 0.77 एकड़ दर्शाकर टुकड़ों में विभिन्न लोगों को बेच दिया गया। उनका कहना है कि प्लॉटिंग के दौरान सड़क के लिए छोड़ी गई भूमि के रकबे का भी दुरुपयोग किया गया और उनकी भूमि को दिखाकर रजिस्ट्री कर दी गई।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में पूर्व में की गई शिकायत पर पटवारी ने जांच कर रिपोर्ट तहसील कार्यालय को सौंप दी थी, लेकिन पिछले छह-सात महीने से फाइल लंबित है। उनके अनुसार, फाइल कई बार एसडीएम कार्यालय से स्पष्ट अभिमत नहीं होने का उल्लेख करते हुए वापस भेजी गई। वर्तमान में मामला तहसीलदार समर्थ थवाईत के समक्ष लंबित है।
विष्णु यादव का कहना है कि उन्होंने एसडीएम से भी मुलाकात कर मामले की जानकारी दी, जिसके बाद फाइल आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, लेकिन अब तक कोई अंतिम कार्रवाई नहीं हुई है।
आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि विक्रेता ने उनकी भूमि को अपनी बताकर पहले राजकुमारी पाण्डेय और बाद में अन्य खरीदारों को बेच दिया। उनका दावा है कि संबंधित खरीदारों को भी वास्तविक स्थिति की जानकारी थी, बावजूद इसके रजिस्ट्री कराई गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 17 अप्रैल 2026 को अवकाश का लाभ उठाकर विवादित भूमि पर बाउंड्रीवाल और शेड का निर्माण कर लिया गया, जिसकी शिकायत नगर निगम के जोन क्रमांक-7 कार्यालय में भी की गई है।
पूर्व पार्षद और भाजपा नेता के अनुसार, कथित कूटरचना और गलत रजिस्ट्री के कारण मौके पर उनकी लगभग 0.14 एकड़ भूमि कम हो रही है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कूटरचना, षड़यंत्र और राजस्व रिकॉर्ड में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए तथा वास्तविक स्थिति के अनुसार राजस्व अभिलेखों में सुधार कराया जाए।
