
मस्तुरी पुलिस ने कोयला हेराफेरी मामले में दो और फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में पूर्व में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की हेराफेरी करने और उसकी जगह मिलावटी कोयला पहुंचाने की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और एक हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार थाना मस्तुरी में दर्ज अपराध क्रमांक 389/2026 के तहत मामले की विवेचना की जा रही थी। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता कप्तान सत्यनारायण ने एसीसीएल गेवरा माइंस, कोरबा से एसएम इंटरप्राइजेस के माध्यम से राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड के लिए 30 हजार टन जी-11 ग्रेड कोयले का ऑर्डर दिया था। 17 जून की रात से सुबह के बीच प्लांट पहुंचे तीन ट्रेलरों की जांच में उनमें उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की जगह खराब और मिलावटी कोयला पाया गया। पूछताछ के दौरान चालक मौके से फरार हो गए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि गेवरा माइंस से जी-11 ग्रेड का कोयला लोड करने के बाद रास्ते में बेलतरा टोल प्लाजा स्थित एक कोल डिपो में उसे उतार दिया जाता था। वहां रोलर मशीन की मदद से खराब गुणवत्ता का गिट्टी मिश्रित कोयला ट्रेलरों में भरकर राशि प्लांट भेजा जाता था, जबकि असली कोयले को अलग रखकर उससे अवैध लाभ कमाया जाता था। इस पूरे खेल में ट्रेलर चालक, वाहन मालिक और अन्य आरोपी शामिल थे तथा प्राप्त रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था।
मामले में पुलिस पहले ही आरोपी आकाश सिंघल, सुमित यादव, सूरज सिंह और जयकांत यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। साथ ही घटना में प्रयुक्त तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला भी जब्त किया गया था।
इसी कड़ी में फरार चल रहे वैभव सोनी उर्फ चुकलू (30), निवासी भेंसर, जयरामनगर तथा निखिल साहू (33), निवासी गोल्डन पार्क, बोदरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन और एक हजार रुपये नकद जब्त किए गए।
मस्तुरी पुलिस ने दोनों आरोपियों को 28 जून को विधिवत गिरफ्तार कर 29 जून को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले में शामिल अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
