
बिलासपुर। जूदेव स्मृति सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कोनी के संचालन को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि जो लोग अपने पांच साल के कार्यकाल में अस्पताल शुरू नहीं करा सके, वे अब इसकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के दौरान अस्पताल में स्थापित मशीनों के डिब्बे तक नहीं खोले गए और उपयोग नहीं होने के कारण उनका मेंटेनेंस अनुबंध भी समाप्त हो गया।
विधायक शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अस्पताल की मशीनों का दोबारा मेंटेनेंस कराया गया, डॉक्टरों की नियुक्तियां की गईं और स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन शुरू कराया गया। उन्होंने कहा कि देशभर में डीएम और उससे ऊपर स्तर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है, इसलिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने कांग्रेस सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि कोरोना महामारी के दौरान भी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का उपयोग कोविड सेंटर के रूप में नहीं किया गया, जबकि जिला अस्पताल को कोविड सेंटर बनाया गया था। उनके अनुसार, यदि उस समय इस अस्पताल का उपयोग किया जाता तो इसकी सेवाएं पहले ही शुरू हो सकती थीं।
सुशांत शुक्ला ने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू नहीं कर पाए, वही अब बिलासपुर में एम्स की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस नेताओं को अपने कार्यकाल की जवाबदेही तय करनी चाहिए। विधायक ने दावा किया कि अस्पताल में अब सर्जरी शुरू हो चुकी है और कैथलैब की स्थापना के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष मोहित जायसवाल और मीडिया प्रभारी प्रणव शर्मा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को वर्ष 2014-15 में भाजपा सरकार के दौरान स्वीकृति मिली थी और वर्ष 2018 में भवन का निर्माण पूरा हो गया था। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों में अस्पताल का संचालन शुरू नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि मशीनों का उपयोग नहीं होने से उनका मेंटेनेंस अनुबंध समाप्त हो गया और जनता आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रही।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद 29 अक्टूबर 2024 से अस्पताल का नियमित संचालन शुरू किया गया। वर्तमान में यहां भर्ती, ऑपरेशन और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, पहले अस्पताल में प्रतिदिन केवल 10 से 20 मरीज पहुंचते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 120 से 140 प्रतिदिन हो गई है। साथ ही लिथोट्रिप्सी तकनीक के माध्यम से लगभग 50 पथरी के मरीजों का बिना चीरा-फाड़ उपचार किया जा चुका है।
भाजपा ने कहा कि सरकार अस्पताल में सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है और भविष्य में विशेषज्ञ सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
