


बिलासपुर। सीपत थाना पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने ग्राम खम्हरिया स्थित रमेश ज्वेलर्स में हुई लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरों की चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों और चोरी का माल खरीदने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.88 किलोग्राम चांदी, 13.30 ग्राम सोने के जेवर तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित करीब 6.80 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, ग्राम खम्हरिया स्थित रमेश ज्वेलर्स के संचालक विभूति विनय सोनी ने 20 फरवरी 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात करीब 7 बजे दुकान बंद करते समय उन्होंने सोने-चांदी के जेवर और एक लाख रुपये नकद दो बैग में रखे थे। शटर बंद करने के दौरान चेहरा गमछे से ढके एक बदमाश ने दोनों बैग और एक टिफिन का थैला उठाया तथा बाहर पहले से मोटरसाइकिल पर मौजूद दो साथियों के साथ फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एसीसीयू और सीपत थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और लगातार आरोपियों की तलाश करती रही।
जांच के दौरान 4 जून 2026 को चौकी कोटमीकला, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से सूचना मिली कि एक अन्य मामले में गिरफ्तार आरोपी खुशीराम साहू (65), मनीष उर्फ राहुल मंडल (30) और राजाराम साहू (25) ने पूछताछ में खम्हरिया ज्वेलर्स चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि चोरी के बाद जेवर आपस में बांट लिए थे।
पूछताछ में खुशीराम साहू ने अपने हिस्से के कुछ चांदी के जेवर ग्राम सेल निवासी दीपक वर्मा (42) को बेचने तथा कुछ जेवर अपने पास छिपाकर रखने की जानकारी दी। वहीं राजाराम साहू के कब्जे से एक जोड़ी चांदी की पायल और दो सोने के टॉप्स बरामद किए गए। पुलिस ने दीपक वर्मा से चोरी के चांदी के जेवर जब्त कर लिए।
आरोपी मनीष उर्फ राहुल मंडल ने बताया कि चोरी की संपत्ति और एक देशी कट्टा लेकर बिहार जा रहा था, जहां देवघर रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार कर सामान जब्त कर लिया था। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (सीजी 10 बीएफ 2654) भी ग्राम मड़ई के श्मशान घाट के पास झाड़ियों से बरामद कर ली गई।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। मामले के खुलासे में एसीसीयू बिलासपुर और सीपत थाना पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
