

बिलासपुर। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार के 10 वर्षों में 89 पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को निजी एजेंसियों को सौंपने से पूरी व्यवस्था दलालों और परीक्षा माफिया के कब्जे में चली गई है। उनके अनुसार, पैसे के दम पर प्रश्नपत्र पहले ही उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय होता है। उन्होंने भाजपा सरकार को “एग्जाम माफिया” का सरगना बताते हुए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता बताई।
उन्होंने एनटीए प्रमुख प्रदीप जोशी की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन पर पहले घोटालों के आरोप लग चुके हैं, उन्हें देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी का प्रमुख बनाया गया है। साथ ही पेपर लीक की जांच समिति में उनकी भूमिका पर भी निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए।
प्रेस वार्ता में पेपर लीक से प्रभावित युवाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा इस्तीफे की मांग की। इस दौरान युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, पूर्व विधायक शैलेश पांडेय, विजय केशरवानी, रश्मि सिंह, आशीष सिंह सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग और वेंडर कॉन्ट्रैक्ट की निष्पक्ष ऑडिट कराने, सरकारी परीक्षा केंद्रों को प्राथमिकता देने, भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने तथा एनटीए को संसदीय जवाबदेही के दायरे में लाने की मांग की है।
बिलासपुर भी आंदोलन का प्रमुख केंद्र
कांग्रेस ने घोषणा की कि 30 जून से देश के 28 शहरों में डेढ़ माह तक आंदोलन चलाया जाएगा। इसके तहत पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभाएं, छात्र संपर्क अभियान, कैंपस कार्यक्रम, अंबेडकर संवाद, 1 अगस्त को कलेक्टोरेट घेराव तथा 9 अगस्त को दिल्ली में प्रदर्शन किया जाएगा, जिसका नेतृत्व राहुल गांधी करेंगे।
कांग्रेस ने बिलासपुर को आंदोलन के प्रमुख केंद्रों में शामिल करते हुए इसे प्रदेश का बड़ा एजुकेशन हब बताया। पार्टी के अनुसार शहर में केंद्रीय एवं निजी विश्वविद्यालयों, मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के अलावा करीब 90 कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जहां 65 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें बड़ी संख्या दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले छात्र-छात्राओं की है।
