
बिलासपुर। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिलासपुर जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शहर के 80 से अधिक कोचिंग संस्थानों के साथ मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा जांच के लिए जिला प्रशासन ने विशेष जांच समितियों का गठन किया है। सभी समितियों को 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला स्तरीय जांच समिति की अध्यक्षता बिलासपुर के एसडीएम मनीष साहू करेंगे। समिति में नगर निगम के अपर आयुक्त, सिविल लाइन एवं कोतवाली के सीएसपी, जिला सेनानी (अग्निशमन) तथा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त संचालक को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा जिले के प्रत्येक अनुविभाग में संबंधित एसडीएम की अध्यक्षता में अलग-अलग जांच दल गठित किए गए हैं, जिनमें एसडीओपी, सीएमओ, थाना प्रभारी और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच केवल औपचारिकता न होकर पूरी गंभीरता से की जाए। यदि किसी कोचिंग संस्थान या व्यावसायिक भवन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो पहले सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इन बिंदुओं पर होगी जांच
जांच दल फायर एनओसी की वैधता, अग्निशमन उपकरणों और फायर अलार्म सिस्टम की कार्यशीलता, आपातकालीन निकास मार्गों की उपलब्धता, भवन की स्वीकृति, विद्युत वायरिंग की गुणवत्ता, सीसीटीवी व्यवस्था तथा नियमित सुरक्षा ऑडिट के रिकॉर्ड की जांच करेंगे।
फायर ऑडिट के आधार पर होगी कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों, मॉल, होटल और बहुमंजिला भवनों का समेकित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में जांच का आधार अग्निशमन विभाग के पास उपलब्ध फायर ऑडिट रिकॉर्ड को बनाया जाएगा। इसी सूची के आधार पर संस्थानों का सत्यापन और सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में नगर निगम ने शहर के छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया था। इस दौरान एक ही प्रवेश-निकास द्वार होने जैसी गंभीर खामी मिलने पर एक कोचिंग संस्थान को सील किया गया था, जबकि पांच अन्य संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब जिला प्रशासन की व्यापक जांच के बाद सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की संभावना है।
