
बिलासपुर। अरपा पार और सरकंडा क्षेत्र को पृथक नगर निगम बनाने की मांग को लेकर गुरुवार को नागरिक सुरक्षा मंच सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन कर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी के बावजूद क्षेत्र विकास और बुनियादी सुविधाओं के मामले में लगातार उपेक्षित रहा है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान नागरिक सुरक्षा मंच के प्रतिनिधि अमित तिवारी ने कहा कि पिछले 30 वर्षों से अरपा पार क्षेत्र के लिए अलग नगर निगम की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान स्थानीय विधायक ने इसे प्राथमिकता देने का वादा किया था, लेकिन तीन वर्ष बाद भी घोषणा पूरी नहीं हो सकी।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से तेज किया जाएगा। इसके तहत 10 जुलाई को मानव श्रृंखला, दूसरे चरण में मशाल जुलूस और 15 अगस्त से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की गई।
संगठनों का कहना है कि अरपा पार क्षेत्र में नगर निगम के 24 वार्ड शामिल हैं। अलग नगर निगम बनने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, नागरिक सुविधाओं में सुधार आएगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी। वक्ताओं ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में सरकंडा क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण हुआ है, लेकिन उस अनुपात में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका।
प्रदर्शन में देवेंद्र मिश्रा, दिलीप पाटिल, श्याम मोहन दुबे, रामकुमार यादव, अमित सोनकर, करम गोरख, रमेश सोनकर, अजय कापसे, कमल साहू, दिनेश पांडेय, अजीत नाविक, शेखर यादव, विक्की यादव सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
