

बिलासपुर, 17 जून। यातायात पुलिस बिलासपुर द्वारा सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से गुरु घासीदास विद्यालय के रजत जयंती सभा कक्ष में संभाग स्तरीय यातायात प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 1000 से अधिक एनसीसी एवं स्काउट-गाइड कैडेटों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा मानकों और सुरक्षित वाहन संचालन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं के कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। यातायात पुलिस ने सभी उपस्थित कैडेटों को सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए “यातायात पुलिस का ब्रांड एंबेसडर” घोषित किया।

कार्यशाला में युवाओं के बीच बढ़ रही खतरनाक प्रवृत्तियों जैसे सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए रील बनाते समय स्टंट करना, तेज एवं लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी, नाबालिगों द्वारा वाहन संचालन, नंबर प्लेट से छेड़छाड़, मॉडिफाइड साइलेंसर और अमानक हेडलाइट के उपयोग के दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर कैडेटों को आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम), नेक्स्ट जेन एम-परिवहन, पीओएस मशीन और बॉडी वॉर्न कैमरा के माध्यम से की जाने वाली स्मार्ट एवं तकनीकी कार्यवाहियों की भी जानकारी दी गई।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक प्रभावित वर्ग युवा होता है, इसलिए विद्यालयों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं में ट्रैफिक सेंस और सिविक सेंस का विकास हो सके।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश, फर्स्ट ऑफिसर अशोक नागपुरे, रंजू शर्मा, नवीन सिरस्वर, सेकंड ऑफिसर रवि आडीले, पुखराज माझी, नारायण साहू, मृणाल सहित एनसीसी अधिकारी, आर्मी स्टाफ तथा बड़ी संख्या में स्काउट-गाइड कैडेट उपस्थित रहे।
