
बिलासपुर। केंद्रीय जेल बिलासपुर से 14 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया पॉक्सो मामले का दोषी छुट्टी समाप्त होने के बाद भी जेल वापस नहीं लौटा। आरोपी के फरार होने से जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जेल प्रशासन की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार मुंगेली जिले के फास्टरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जल्लीखुर्द निवासी निरंजन सत्यम (28) पिता पालन सोनवानी पॉक्सो एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा काट रहा था। उसे मुंगेली के विशेष न्यायालय ने 20 अक्टूबर 2022 को घर में घुसने, जान से मारने की धमकी देने तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। बाद में उसे केंद्रीय जेल बिलासपुर में स्थानांतरित किया गया था।
डीजी जेल रायपुर के आदेश पर निरंजन सत्यम को 29 मई 2026 को 14 दिनों की पैरोल मंजूर की गई थी। नियमानुसार उसे 13 जून की शाम 5 बजे तक केंद्रीय जेल बिलासपुर में आत्मसमर्पण कर वापस जेल पहुंचना था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी वह नहीं लौटा।
बंदी के वापस नहीं आने पर जेल प्रशासन ने उसकी फरारी की पुष्टि करते हुए सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। जेल प्रहरी श्रीधर कुमार ध्रुव की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 262 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार आरोपी मुंगेली जिले का निवासी है, इसलिए बिलासपुर और मुंगेली पुलिस की संयुक्त टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं जेल मुख्यालय रायपुर, मुंगेली जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को भी फरारी की सूचना भेज दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
