
बिलासपुर। कोनी थाना क्षेत्र के ग्राम कछार में अवैध रेत उत्खनन का विरोध करना महिला संगठन की सदस्यों को महंगा पड़ गया। रेत तस्करों ने महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, जिससे कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर सरपंच पति और उसके साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब 10:30 बजे सिंगारबाड़ी रेत घाट पर सशक्त नारी महासंघ की कोषाध्यक्ष सावित्री उर्फ मैना लोनिया अपनी साथियों बिलसिया पटेल, धिरजा पटेल, दुरपति साहू, लक्षन केंवट एवं अन्य महिलाओं के साथ अवैध रेत उत्खनन रोकने के लिए निगरानी कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने देखा कि ग्राम कछार का सरपंच पति अपने साथी बिट्टू और अन्य लोगों के साथ ट्रैक्टरों में अवैध रूप से रेत भरवा रहा है।
महिलाओं ने इसका विरोध करते हुए आरोपियों को घाट से बाहर जाने को कहा। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर सरपंच पति और उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी तथा लाठी-डंडों, लात-घूंसों से महिलाओं पर हमला कर दिया। महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंचे ग्रामीण रजत सोनी, उत्तम यादव और छोटा भोई को भी आरोपियों ने नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की।
हमले में महासंघ की कोषाध्यक्ष सावित्री लोनिया के सिर, कंधे, हाथ और गले में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि ग्रामीण छोटा भोई के हाथ की एक उंगली टूट गई। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए भेजा गया, जहां उनका चिकित्सीय परीक्षण कराया गया।
कोनी थाना पुलिस ने सशक्त नारी महासंघ की शिकायत पर सरपंच पति, बिट्टू तथा अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों को रवाना किया गया है और मामले की जांच जारी है।
