

बिलासपुर/कोटा। चरित्र शंका को लेकर एक युवक की निर्मम हत्या करने वाले चार आरोपियों को कोटा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने युवक की आंखों में मिर्च पाउडर झोंकने के बाद मारपीट की और उसके सिर पर बड़ा पत्थर पटककर हत्या कर दी थी।

पुलिस के अनुसार, 4 जून 2026 की शाम आलोक सिंह, यशु पोर्ते और निखिल गोस्वामी होटल फोर सीजन के आगे कच्चे मार्ग पर बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले निखिल गोस्वामी को घेर लिया। मुख्य आरोपी दीपक दास उर्फ भोला ने उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाल दिया, जिसके बाद सभी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। मौके पर पहुंचने पर निखिल गोस्वामी गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। आरोपियों ने उसके सिर को बड़े पत्थर से कुचल दिया था, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मामले में कोटा थाना पुलिस ने हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी कोटा नुपूर उपाध्याय के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने लगातार तलाश के बाद 11 जून को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दीपक दास उर्फ भोला दास मानिकपुरी (26) निवासी भुंडा, निखिल राव उर्फ निक्कू (24) निवासी देवनगर कोनी, करण दास मानिकपुरी (24) निवासी देवनगर कोनी तथा कुश साहू उर्फ बुतरू (26) निवासी तेलियापुराण भरारी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि आदतन बदमाश भोला के किसी मामले की पैरवी अधिवक्ता निखिल कर रहे थे लेकिन भोला को शक था कि निखिल का उसकी पत्नी के साथ कथित अफेयर चल रहा है। इसी शंका पर उसने वकील की हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक आकाश चौधरी, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, आरक्षक मनमोहन कोसले तथा एसीसीयू बिलासपुर की टीम की विशेष भूमिका रही।
