सर्पदंश से मृत्यु के फर्जी प्रकरणों में 60 लाख का भुगतान शासन को भारी नुकसान 10 से अधिक मामलों में होगी FIR

शशि मिश्रा

बिलासपुर

विधानसभा में सवाल उठने के बाद जिले में सर्पदंश से मृत्यु के फर्जी प्रकरणों में शासन को 60 लाख की क्षति पहुंचाने का खुलासा हुआ है। इसके बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए संबंधित थानों में सभी 15 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज करने पत्र भेजा है। पुलिस प्रकरणों के ओरिजन दस्तावेज प्राप्त करने के बाद सभी मामलों में एफआईआर दर्ज करेगी।

गौरतलब है कि विधानसभा में फर्जी सर्पदंश से मृत्यु के प्रकरणों पर सवाल किया गया था। उसके बाद जिले में कलेक्टर के निर्देश पर फर्जी प्रकरणों की जांच की जा रही थी। प्रशासन की लगभग जांच पूरी हो गई है। इसमें जिले में 15 प्रकरणों में प्रथम दृष्टया अपराध घटित होना पाया गया है। इसमें सिविल लाइन थाना में 4, सरकण्डा में 5, तोरवा में 2, सिटी कोतवाली में 1, सिरगिट्टी में 1 व अन्य थानों का मामला है। सभी मामलों में संबंधित अवेदिका / आवेदक द्वारा वास्तविक मृत्यु का कारण छुपाकर शासन से सर्पदंश मृत्यु, जहरीले जंतु के कांटने से मृत्यु सहायता योजना अंतर्गत 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्राप्त कर ली गई। इस तरह से 15 प्रकरणों में शासन को 60 लाख रुपए क्षति की पहुंचाई। जिला प्रशासन ने उक्त कृत्य को प्रथम दृष्टया कूटरचना और छलपूर्वक शासकीय राशि प्राप्त करने एवं की श्रेणी में माना है। साथ ही प्रशासन की ओर से नायब नाजिर दौलत राम ठाकुर को सूचनाकर्ता नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सभी प्रकरणों में संबंधित व्यक्तियों के विरूद्ध विधिसम्मत धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। नायब नाजिर ने सभी संबंधित थानों को मूल प्रकरण एवं प्रकरण की सूची भी सौंप दी है। जल्द ही संबंधित थानों में फर्जी सर्पदंश से शासन को क्षति पहुंचाने वाले 15 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज होगी।

नागलोक में 96 तो बिलासपुर में 431 लोगों की मौत

दरअसल छत्तीसगढ़ में सर्पदंश के मुआवजे के नाम पर करोड़ों की धांधली का मामला सालों से चला आ रहा है। जशपुर जिसे छत्तीसगढ़ का नागलोक कहा जाता है वहां सर्पदंश से 96 लोगों की मौत हुई और इसके लिए तीन करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया जबकि बिलासपुर में सांप के काटने से 431 लोगों की मौत हुई और 17 करोड़ रुपए की राशि बांटी गई। विधानसभा में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने सर्प दंश से मौत के नाम पर फर्जी मुआवजे का मामला उठाया और सचिव स्तरीय जांच की मांग की थी। विधायक श्री शुक्ला ने आरोप लगाया था कि रैकेट बनाकर फर्जी भुगतान किया गया है। विधायक धरमलाल कौशिक ने भी संदेह जताते हुए कहा था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर भुगतान होना चाहिए, इसकी जांच आवश्यक है।

सिविल लाइन थाने में इन प्रकरणों में होगी एफआईआर

तालापारा निवासी मृतक स्व. पवन यादव पिता राम सिंह यादव

कोनी निवासी स्व. विमलेश कैवर्त पति रामनारायण कैवर्त

कुदूदण्ड निवासी स्व. सुनीता धृतलहरे पति स्व. साधे धृतलहरे

तालापारा निवासी स्व. फागुराम प्रजापति पिता स्व. रामदुलारे प्रजापति

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!