1.90 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोपी को नहीं मिली राहत, अग्रिम जमानत याचिका खारिज

बिलासपुर। तालापारा क्षेत्र की एक बुजुर्ग महिला की करीब 1.90 करोड़ रुपए मूल्य की जमीन कथित रूप से धोखे से अपने नाम कराने के मामले में आरोपी को अदालत से राहत नहीं मिली है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश छाया सिंह की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता मंजूलता आनंद की 81 वर्षीय बीमार मां गिरजा आनंद ने अपनी संपत्ति की देखरेख और बिक्री के लिए पुत्री को मुख्तियारनामा दिया था। इसी दौरान पारिवारिक परिचित होने के कारण भारती नगर निवासी आरोपी अंकित कुमार एक्का ने तालापारा स्थित खसरा नंबर 254/35 की 2180 वर्गफुट भूमि खरीदने का सौदा किया। जमीन की कीमत 1 करोड़ 90 लाख 86 हजार रुपए तय की गई थी।

बताया गया कि 19 मार्च को पंजीयन कार्यालय में भूमि की रजिस्ट्री करा ली गई, जिसमें भुगतान के लिए एचडीएफसी बैंक के चार चेक दिए जाने का उल्लेख किया गया था। आरोप है कि रजिस्ट्री के बाद आरोपी ने चेक पीड़िता को नहीं सौंपे और बाद में राजस्व अभिलेखों में जमीन अपने नाम दर्ज करा ली।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भुगतान की राशि मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और बाद में अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि रजिस्ट्री के दिन आरोपी के बैंक खाते में मात्र 12 लाख 9 हजार रुपए ही उपलब्ध थे।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने मामले को सिविल प्रकृति का बताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की। हालांकि अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद माना कि बिना प्रतिफल दिए करोड़ों रुपए की संपत्ति अपने नाम कराना प्रथम दृष्टया दुर्भावनापूर्ण मंशा और धोखाधड़ी की ओर संकेत करता है।

अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अंकित कुमार एक्का की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। मामले की जांच जारी है।

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