पेंड्रा सराफा व्यापारी हत्याकांड का खुलासा: मुख्य शूटर समेत 7 आरोपी गिरफ्तार, बिहार-झारखंड तक फैला था गिरोह का नेटवर्क

जीपीएम। जीपीएम जिले के कोटमीकला चौकी क्षेत्र में सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या और लूटकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात में शामिल मुख्य शूटर समेत सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात, मोबाइल फोन, बाइक और कार बरामद की गई है। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को आईजी और एसपी ने पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

पुलिस के अनुसार 26 मई की शाम पेण्ड्रा के सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी कोटमी के साप्ताहिक हाट बाजार से दुकान समेटकर लौट रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उनसे सोने-चांदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी जेवरातों से भरा बैग लेकर फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में लगातार दबिश दी। जांच के दौरान बिलासपुर जिले के सीपत क्षेत्र निवासी खुशीराम साहू का नाम सामने आया। पूछताछ में उसने पूरे षड्यंत्र का खुलासा कर दिया। पुलिस ने मुख्य शूटर राहुल उर्फ मनीष मंडल को बिहार के बांका जिले से, राजू उर्फ सुजीत कुमार को बिहार के रजौन क्षेत्र से तथा संतोष कुमार दास को झारखंड के गोड्डा जिले से गिरफ्तार किया।

जांच में सामने आया कि 23 मई को बिहार और झारखंड से आए तीन शूटर राहुल, राजू और संतोष बिटकुला में खुशीराम साहू के घर पहुंचे थे, जहां लूट की योजना बनाई गई। 26 मई को सभी आरोपी कोटमीकला क्षेत्र पहुंचे और सराफा व्यापारी की गतिविधियों तथा आने-जाने के समय की रेकी की। शाम को वारदात के दौरान प्रदीप सोनी द्वारा विरोध करने पर मुख्य शूटर राहुल उर्फ मनीष मंडल ने देसी कट्टे से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से फरार हुए। मुख्य शूटर राहुल और संतोष रास्ता भटककर बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी में छिप गए, जबकि अन्य आरोपी सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच गए। अगले दिन सभी आरोपियों ने लूटे गए जेवरात के डिब्बे और थैलियों को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया। इसके बाद देवरीखुर्द स्थित एक घर में लूटे गए सोने-चांदी का बंटवारा किया गया और शूटरों को बिहार एवं झारखंड रवाना कर दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में खुशीराम साहू (मास्टरमाइंड), राजाराम साहू, गया प्रसाद रजक, मनीष मंडल उर्फ राहुल (मुख्य शूटर), सुजीत कुमार उर्फ राजू दास, संतोष कुमार दास और श्रेयांश शुक्ला को गिरफ्तार किया है। श्रेयांश पर लूट के माल को खपाने में मदद करने का आरोप है।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो देसी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खोखा, करीब 40 ग्राम सोना, 4.480 किलोग्राम चांदी, सात मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और एक कार बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह एक पेशेवर अंतरराज्यीय गिरोह था, जिसका मुख्य उद्देश्य साप्ताहिक बाजारों में आने वाले बड़े सराफा व्यापारियों की रेकी कर उन्हें निशाना बनाना था। मामले के सफल खुलासे पर आईजी और एसपी ने जांच टीम की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

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