सर्राफा कारोबारी की हत्या और लूट के मामले में मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के कोटमी कला साप्ताहिक बाजार में सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और लूट के मामले में आखिरकार पुलिस लुटेरों तक पहुंच गई है। 6 दिन की जांच और मुखबिर की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपी खुशीराम साहू और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की अब भी तलाश जारी है।

पता चला कि खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू और बिहार झारखंड के रहने वाले परिचित राहुल के साथ मिलकर इस लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। उन लोगों ने काफी समय से साप्ताहिक बाजार में रेकी की ओर फिर प्रदीप सोनी को आसान लक्ष्य समझ कर उस पर हमला किया। बताया जा रहा है कि 23 मई को आरोपी राहुल अपने साथियों संजय और राजू के साथ बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव स्थित खुशीराम साहू के घर पहुंचा था, जहां सब ने मिलकर इस लूट की योजना बनाई थी। योजना के तहत 26 मई को आरोपी कोटमी कला चौकी क्षेत्र के देवरी खुर्द पहुंचे और स्थानीय सहयोगी गया प्रसाद रजक के घर ठहरे। दिन भर उन्होंने बाजार में ज्वेलर्स की गतिविधियों पर नजर रखी और सही मौके का इंतजार करते रहे ।

26 मई की शाम करीब 7:00 बजे प्रदीप सोनी दुकान बंद कर हनुमान मंदिर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पल्सर में सवार तीन लोग पहुंचे और उन्होंने उनसे बैग छीना। विरोध करने पर बेहद करीब से उनकी छाती पर गोली चला दी। गोली लगते ही प्रदीप गिर पड़े, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया और डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया ।

वारदात के बाद आरोपी सोना चांदी से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल से गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे , जहां लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया गया। आरोपियों ने आभूषणों की पैकिंग सामग्री और अन्य सबूत को पास की एक टेकरी में ले जाकर जला दिया ताकि पुलिस को सुराग न मिले। पूछताछ में जानकारी मिली कि खुशीराम साहू और गया प्रसाद रजक ने वारदात में इस्तेमाल देसी कट्टा, जिंदा कारतूस और लूटे गए आभूषणों का हिस्सा टेकरी में छुपा कर रखा था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूटे गए आभूषण के साथ घटना में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन बरामद किया है।

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