किराए के बहाने जेसीबी-हाइवा हड़पने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 5 आरोपी गिरफ्तार

शशि मिश्रा

जांजगीर-चांपा, 1 जून। किराए पर भारी वाहन लेकर फरार होने और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में बेच देने वाले अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का जांजगीर-चांपा पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर दो जेसीबी, एक हाइवा, एक टाटा सफारी, महंगा मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल सहित लाखों रुपये का सामान बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले तीन वर्षों से छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा था।

पुलिस के अनुसार पिपरसत्ती निवासी प्रदीप कुमार कोसले ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी जेसीबी मशीन को आरोपियों ने 1.40 लाख रुपये मासिक किराए और 50 हजार रुपये अग्रिम भुगतान का झांसा देकर लिया था। वाहन अपने कब्जे में लेने के बाद आरोपियों ने मोबाइल फोन बंद कर दिए और जेसीबी में लगा जीपीएस भी निकाल दिया। जीपीएस की अंतिम लोकेशन जबलपुर मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ।

मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे वाहन खरीद-बिक्री या किरायानामा तैयार कर भारी वाहन अपने कब्जे में लेते थे और बाद में उन्हें दूसरे राज्यों में बेचकर नंबर बदल देते थे। जांच में कई अन्य ठगी के मामलों का भी खुलासा हुआ, जिनमें जेसीबी, ट्रेलर और ट्रैक्टर को धोखाधड़ी से बेचने की बात सामने आई है।

पुलिस ने इस मामले में तीरथराज कुर्रे, राहुल खांडे, सन्नी लाल पाटले, शिवम जायसवाल और गिरोह के मास्टरमाइंड भरत गुप्ता को गिरफ्तार किया है। भरत गुप्ता को चित्रकूट क्षेत्र से पकड़ने में सफलता मिली, जबकि शिवम जायसवाल और भरत गुप्ता को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो जेसीबी मशीन, एक हाइवा, ठगी की रकम से खरीदी गई एक टाटा सफारी, सैमसंग गैलेक्सी एस-24 अल्ट्रा मोबाइल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस ने बताया कि बरामद हाइवा वित्तीय बकाया के कारण फाइनेंसर द्वारा जबलपुर यार्ड में जब्त की गई थी।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में अकलतरा थाना पुलिस और साइबर टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे वाहन किराए पर देने से पहले किरायेदार का सत्यापन अवश्य कराएं और जीपीएस सिस्टम सक्रिय रखें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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