

बिलासपुर। गुरुघासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक रिसर्च स्कॉलर छात्रा द्वारा कैंपस की लैब में केमिकल पाउडर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने का मामला सामने आया है। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल सरकंडा स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार अब उसकी हालत में सुधार है और वह खतरे से बाहर है।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र अस्पताल पहुंच गए। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई और अस्पताल परिसर में हंगामा किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है।
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रा विश्वविद्यालय में रिसर्च स्कॉलर है और कोनी क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शनिवार रात उसने किसी केमिकल पाउडर का सेवन कर लिया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की सूचना मिलने पर छात्रा के माता-पिता भी अस्पताल पहुंच गए। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्रा की स्वास्थ्य स्थिति अब पहले से बेहतर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में है।
आत्महत्या के प्रयास के पीछे के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार छात्रा किसी पारिवारिक कारण से तनाव में थी, हालांकि इसकी पुष्टि उसके बयान के बाद ही हो सकेगी।
इधर घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे तथा पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और छात्रा के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। छात्रा के बयान के बाद ही आत्महत्या के प्रयास के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
