अब रद्द नहीं होगी हावड़ा-मुम्बई की ट्रेनें, रेलवे ने वापस लिया आदेश

चौथी लाइन का कार्य आटो सिग्नलिंग सहित अन्य अधोसंरचना कार्यों के कारण रेल प्रशासन ने एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और पैसेंजर सहित करीब 72 ट्रेनों के पहियों को 7 जून से 12 दिनों तक थामने के निर्णय को वापस ले ट लिया है। 12 दिनों तक रद्द की जाने वाली ट्रेन यथावत पटरी पर दौड़ेगी, जिससे यात्रियों को भी सफर की सुविधा मिलती रहेगी।

रेलवे के अनुसार बिलासपुर से झारसुगुड़ा और के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की महत्वपूर्ण परियोजना में शामिल है, जो पूरे क्षेत्र को उत्तर एवं दक्षिण भारत से जोड़ती है। परिचाल को और भी सुचारू तथा नई गाड़ियों के मार्ग प्रशस्त करने के लिए नई लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत

बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच 206 किलोमीटर चौथी लाइन का निर्माण हो रहा है, जिसमें अब तक 180 किलोमीटर से अधिक रेल लाइन निर्माण कार्य पूरा किया जा चुका है। इसमें अब बिलासपुर से झारसुगुड़ा सेक्शन के चांपा स्टेशन में चौथी लाइन को जोड़ने का कार्य 7 से 19 जून तक विभिन्न तिथियों में करने का निर्णय लिया गया था। पूर्व में निकाले

गए नोटिफिकेशन के अनुसार रेलवे ने 7 से 19 जून यानि 12 दिनों तक हावड़ा-मुम्बई के बीच चलने वाली एक्सप्रेस, सुपरफास्ट व अन्य स्टेशनों के बीच चलने वाली ट्रेन सहित 72 ट्रेनों के पहियों को रोकने का भी आदेश जारी किया था। वर्तमान में गर्मी की छुट्टियां होने की वजह से सभी ट्रेनों में यात्रियों की काफी भीड़ है। कई यात्री बाहर जा रहे हैं और

बाहर गए हुए यात्रियों के वापस आने से ट्रेनों में वेटिंग की स्थिति के कारण रेलवे को अतिरिक्त समर स्पेशल ट्रेन का परिचालन करना पड़ रहा है। अचानक 72 ट्रेनों के पहिए थमने के बाद लाखों की संख्या में यात्रियों को परेशानी हो सकती थी। यात्रियों की परेशानियों को देखते हुए रेल प्रशासन ने पूर्व में जारी किए गए नोटिफिकेशन को केंसिल करते हुए शनिवार को छुट्टी के दिन एक नया आदेश जारी किया है।

इस नए आदेश के अनुसार 7 से 19 जून तक चांपा में चौथी लाइन कनेक्टिविटी के लिए नॉन इंटरलाकिंग कार्य को आगामी आदेश तक स्थगित करने का निर्णय लेते हुए सारी रद्द की गाड़ियों को वापस पटरी पर रिस्टोर किया गया है। सारी रद्द की गाड़ियां अपने निर्धारित मार्ग, समय एवं तिथियों पर सामान्य रूप से संचालित की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!