व्यापार विहार के तेल गोदाम में भीषण आग पर 5 घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

बिलासपुर। व्यापार विहार स्थित चौधरी एजेंसी के खाद्य तेल गोदाम में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। गोदाम में बड़ी मात्रा में खाद्य तेल और पैकेजिंग सामग्री रखी होने के कारण आग तेजी से फैल गई। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों को करीब पांच घंटे तक लगातार मशक्कत करनी पड़ी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में करोड़ों रुपए के नुकसान की आशंका है।

जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह करीब 8 बजे स्थानीय लोगों ने गोदाम से धुआं निकलते देखा और इसकी सूचना गोदाम संचालक नमिष कुमार अग्रवाल को दी। इसके बाद सुबह लगभग 9.15 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल की टीम 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।

गोदाम पूरी तरह बंद होने के कारण दमकलकर्मियों को अंदर पहुंचने में काफी कठिनाई हुई। बाद में जेसीबी की मदद से गोदाम की एक दीवार तोड़ी गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड की टीम अंदर पहुंच सकी। गोदाम में बने तीन बड़े टैंकों में खाद्य तेल भरा हुआ था, जिससे आग बार-बार भड़क रही थी। लगातार पानी की बौछार और पांच दमकल वाहनों की सहायता से दोपहर बाद आग पर काबू पाया जा सका।

गोदाम संचालक नमिष कुमार अग्रवाल ने बताया कि गोदाम में करीब दो करोड़ रुपए का माल रखा हुआ था। उन्होंने दावा किया कि गोदाम संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। आग लगने के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गोदाम में खाद्य तेल के बड़े भंडारण टैंकों के साथ ही एक-एक किलो के पैकेटों में तेल की पैकेजिंग का काम भी किया जाता था। नियमों के अनुसार इस प्रकार के बड़े भंडारण टैंक सामान्यतः औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित किए जाते हैं।

घटना के बाद होमगार्ड कमांडेंट दिपांकर नाथ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में इस प्रकार की यह तीसरी बड़ी अग्निकांड की घटना है। उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक बात यह रही कि संवेदनशील माने जाने वाले इस तेल गोदाम में फायर एक्सटिंग्विशर तक उपलब्ध नहीं था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए गोदाम संचालक को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इधर, आगजनी की घटना के बाद व्यापार विहार क्षेत्र में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शिकायतें मिल रही थीं कि कई भवनों में एक मंजिल की अनुमति लेकर दूसरी और तीसरी मंजिल तक निर्माण किया गया है। नगर निगम ने संबंधित गोदाम की भवन अनुमति, फायर सेफ्टी व्यवस्था और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।

नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि गोदाम निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। गोदाम संचालक से सभी दस्तावेज मांगे गए हैं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि भवन में फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र के अन्य भवनों की भी जांच की जाएगी।

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