

बिलासपुर। महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं हिंदुत्व के पुरोधा स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर गुरुवार को शहर में हिंदू संगठनों द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान उपस्थित जनों ने वीर सावरकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा राष्ट्र निर्माण और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि वीर सावरकर का संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, त्याग, संघर्ष और हिंदू समाज के जागरण के लिए समर्पित रहा।
वक्ताओं ने कहा कि सावरकर ने अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने का कार्य किया। उनके विचार आज भी समाज और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
कार्यक्रम में वीर सावरकर के जीवन परिचय पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उनका जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगूर गांव में हुआ था। बाल्यकाल से ही उनमें राष्ट्रप्रेम और क्रांतिकारी चेतना विद्यमान थी। उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया और राष्ट्रहित को सर्वोपरि माना।
