
शशि मिश्रा

यातायात नियमों का उल्लंघन कर सड़क पर स्टंट बाजी करना और सड़क पर केक काटकर जन्मदिन मनाना कानूनन अपराध है। पुलिस ने भी इसे लेकर कई बार चेतावनी और एडवाइजरी जारी की है लेकिन फिर भी लगता है शहर के उद्दंड युवा पुलिस को लगातार चुनौती देने में ही ऑर्गेज्म महसूस कर रहे हैं। एक के बाद एक इस तरह के मामले सामने आने से लग रहा है कि ऐसे लोगों में पुलिस कार्यवाही का भी डर नहीं है । ऐसा हो भी क्यो न, क्योंकि पुलिस ऐसे मामलों में अक्सर दोषी युवतियों को बख्श देती हैं जिससे उनके हौसले बुलंद है।

कुछ दिनों पहले रायपुर रोड पर एक बीएमडब्ल्यू कार में सनरूफ से निकलकर एक युवती डांस करते हुए वीडियो बना रही थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने केवल वाहन चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की। मामले में युवती को पुलिस क्लीन चिट दे दिया।

फिर कोनी थाना क्षेत्र में एक कार पर बैठकर एक और लड़की स्टंट करती दिखी । उसने हाथ में शैम्पेन की बोतल लेकर रैम्पवॉक भी किया। यह वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस पर भी सवाल खड़े हुए। बाद में पुलिस ने अर्टिगा कार क्रमांक सीजी 10 सीडी 1416 के चालक राहुल कौशिक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्यवाही की। इस बार भी आरोपी लड़की को बख्श दिया गया। उल्टे चर्चा में तो यह बात आ गई कि वायरल वीडियो में जो अर्टिगा कार क्रमांक सीजी 10 सीडी 1416 प्राइवेट कार नजर आ रही थी , पुलिस की गिरफ्तारी के साथ ही अचानक वह कमर्शियल हो गई और उसका नंबर प्लेट सफेद से पीला हो गया। इस पर सोशल मीडिया में तरह तरह की बातें होने लगी कि पुलिस ने दोषी महिला को बचाने के लिए जानबूझकर ऐसा किया है ।

इन दोनों कार्रवाई से पुलिस शायद यह संदेश देना चाहती थी कि वह ऐसे मामलों में कार्यवाही करेगी लेकिन एक तरफा कार्रवाई का ही असर है कि एक और वीडियो वायरल हो गया।
इस बार रायपुर से रायपुर जाने वाले सर्विस रोड पर चलती स्कॉर्पियो में केक काटने और आतिशबाजी जलाकर यातायात नियमों की उल्लंघन करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने काले रंग के स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक सीजी 10 बीपी 3926 को जप्त कर कार्रवाई की है । पुलिस ने यह कार्यवाही कुदुदंड निवासी अरविंद सैनी के खिलाफ की है। बताया जा रहा कि अरविंद सैनी अपनी गर्लफ्रेंड का बर्थडे सेलिब्रेट कर रहा था। इसके लिए उसने कार के ऊपर केक रखकर काटा और आतिशबाजी की।

लेकिन इस बार भी पुलिस ने केवल पुरुष कार चालक पर ही कार्यवाही की है, हालांकि पुलिस उसके महिला मित्र के खिलाफ भी कार्यवाही की बात कह रही है लेकिन फिलहाल उसका नाम कहीं सामने नहीं आया है जिसे लेकर लोग कह रहे हैं कि जब तक इस तरह से उद्दंडता करने वाली लड़कियों पर भी पुलिस सख्त कार्रवाई नहीं करेगी तब तक ऐसे मामले थमने वाले नहीं है। वैसे भी भारत का संविधान लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करता। एक जैसे अपराध के लिए पुरुषों को दंडित करना और महिलाओं को क्लिनचिट दे देना कानूनन भी उचित नहीं है। इससे महिलाओं में यह संदेश जा रहा है कि उन्हें इसकी छूट है। वैसे अक्सर देखा जाता है कि ऐसी ही लड़कियां गर्लफ्रेंड बनकर जिद करती है और उनकी जिद पूरी करने के लिए ही बॉयफ्रेंड को अनिच्छा के साथ ही नियमों की धज्जियां उड़ानी पड़ती है। जिस दिन किसी लड़की पर कार्यवाही हुई तो अन्य लड़कियों के भी मन में डर पैदा होगा और इस तरह की घटनाएं बंद होगी , इसलिए जरूरी है कि पुलिस बिना किसी भेदभाव के दोषी लड़कियों पर भी सख्त कार्यवाही करें।
