
यूनुस मेमन

रतनपुर। जूना शहर स्थित हजरत सैय्यद मूसा शहीद रहमतुल्लाह अलैह का 96वां सालाना उर्स पाक 30 मई को अकीदत और शानो-शौकत के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर इंतजामिया कमेटी और मुस्लिम जमात रतनपुर द्वारा तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
तीन दिवसीय उर्स कार्यक्रम 29 मई से 31 मई तक आयोजित होगा। उर्स के दौरान दरगाह परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा तथा प्रदेश भर से बड़ी संख्या में जायरीन और अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना है।

उर्स कमेटी के अनुसार 29 मई को करैहापारा से साही संदल और चादर जुलूस निकाला जाएगा, जो नगर भ्रमण करते हुए दरगाह शरीफ पहुंचेगा। यहां चादरपोशी और फातिहा के बाद विशेष दुआ की जाएगी।
30 मई की रात अंतरराष्ट्रीय कव्वाल गुलाम हबीब पेंटर द्वारा शानदार कव्वाली पेश की जाएगी। सूफियाना कलामों की महफिल में पूरी रात अकीदतमंद झूमते नजर आएंगे। कार्यक्रम के दौरान रातभर लंगर की व्यवस्था भी रहेगी।

उर्स के मौके पर जायरीन चादरपोशी, जियारत और दुआ में शामिल होकर रूहानी सुकून हासिल करेंगे। अकीदतमंदों का मानना है कि हजरत सैय्यद मूसा शहीद की दरगाह पर मांगी गई मन्नतें जरूर पूरी होती हैं।
धार्मिक नगरी रतनपुर जहां अपने मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है, वहीं हजरत सैय्यद मूसा शहीद की मजार धार्मिक सौहार्द और सूफी परंपरा की मिसाल मानी जाती है। यही वजह है कि इस दरगाह को “छत्तीसगढ़ का अजमेर” भी कहा जाता है।
