

बिलासपुर। जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहरा में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम मोहरा कछरीपारा निवासी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि रविवार सुबह करीब 9 बजे गांव में के घर प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही थी। सूचना मिली थी कि सभा में लोगों को लालच और प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
शिकायत के बाद सुमित यादव अपने साथियों धीरज भोई, सुभाष साहू और सुधांशु भोई के साथ मौके पर पहुंचे। वहां रामस्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे मौजूद मिले। आरोप है कि तीनों हिंदू धर्म के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
शिकायत में कहा गया है कि सभा में मौजूद लोगों को अच्छे घर में शादी कराने, स्वास्थ्य लाभ दिलाने, मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने और अन्य सुविधाएं देने का प्रलोभन दिया जा रहा था। साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर सनातन धर्म छोड़ने के लिए उकसाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जिले में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच ऐसे 58 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आरोप है कि गरीब, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इलाज, नौकरी, शादी, आर्थिक सहायता और नशा मुक्ति जैसे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है।
