

बिलासपुर। सिरगिट्टी क्षेत्र में डीएसपी बद्रीनाथ मिश्रा के रिश्तेदार कारोबारी एवं सरस्वती स्टील के संचालक पशुपतिनाथ मिश्रा पर हुए चाकू हमले के मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने और मामले में गंभीर धाराएं नहीं जोड़ने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने मामले में धारा 109 बीएनएस जोड़ते हुए अन्य आरोपियों की तलाश जारी होने की बात कही है।
घटना 17 मई 2026 की रात की बताई जा रही है। दरअसल पशुपतिनाथ मिश्रा के कर्मचारी राम ने अपने मालिक द्वारा दिए गए कमरे को अपने दोस्त को दिया था जो अपनी मंगेतर को लेकर वहां पहुंचा था। पशुपतिनाथ मिश्रा ने उसे ऐसा करने के लिए मना किया जिससे वह नाराज हो गया और बाद में उसने इस घटना को अंजाम दिया।

आरोप है कि आरोपी प्रार्थी के घर में घुसकर गाली-गलौच, मारपीट और चाकू से हमला किए। घायल पशुपतिनाथ मिश्रा का कहना है कि घनश्याम धनकर, पीयूष रजक और अन्य युवक हत्या की नीयत से उनके घर पहुंचे थे। उनके साथ कर्मचारी राम भी था, जिसने दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही आरोपियों ने पहले गले पर हमला करने की कोशिश की। वार चूकने पर पेट पर हमला किया गया। बचाव के दौरान चाकू उनकी जांघ में घुस गया।
घायल कारोबारी ने अपनी एडवोकेट बेटी और परिजनों के साथ शुक्रवार को आईजी रामगोपाल गर्ग और सीएसपी निमितेश सिंह से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। परिवार का आरोप है कि घटना के मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं, जबकि पुलिस न तो घर में मौजूद साक्ष्य जुटा रही है और न ही हत्या के प्रयास की धारा लगाने में गंभीरता दिखा रही है।
पीड़ित पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि जांघ में करीब 3 इंच गहरा घाव हुआ है और नस तक कट गई थी। उनका कहना है कि गंभीर चोट और जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस शुरुआत में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने से बचती रही।
इधर पुलिस के अनुसार, मामले में थाना सिरगिट्टी में अपराध दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए अविनाश मसीह उर्फ बट्टू, पुनीत राव गजवे, पीयूष रजक और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में विवेचना के दौरान प्रार्थी और गवाहों के बयान तथा चोट के आधार पर प्रकरण में धारा 109 बीएनएस जोड़ी गई है। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है।
