

क्षेत्र में दूषित पेयजल की समस्या में आंशिक सुधार जरूर हुआ है, लेकिन लोगों को अब भी पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी है। इलाके में सुबह और शाम होने वाली पानी सप्लाई के दौरान शुरुआती 15 से 20 मिनट तक मटमैला और बदबूदार पानी आने की शिकायत लगातार बनी हुई है। इसके बाद धीरे-धीरे पानी साफ होने लगता है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि पाइप लाइन में कहीं न कहीं अब भी लीकेज या तकनीकी फाल्ट मौजूद है, जिसके कारण गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल रहा है।
नगर निगम प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नूतन चौक और अशोक नगर की ओर जाने वाली पाइप लाइन फिलहाल बंद कर दी है। प्रभावित इलाकों में चांटीडीह और मेलापारा पानी टंकी की ओर से वैकल्पिक जलापूर्ति की जा रही है। बावजूद इसके सप्लाई शुरू होते ही दूषित पानी आने की शिकायतें बनी हुई हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि मुख्य पाइप लाइन में बड़ी लीकेज अब भी मौजूद है।
जल शाखा के अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों के अलग-अलग स्थानों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, ताकि पानी में मौजूद अशुद्धियों और उनके स्रोत का पता लगाया जा सके। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर निगम की टीम लगातार पाइप लाइन की जांच और संभावित लीकेज वाले हिस्सों की खुदाई में जुटी हुई है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही लीकेज की सही जगह चिन्हित कर मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
दूषित पानी की समस्या को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। कई परिवारों ने फिलहाल पीने और खाना बनाने के लिए बाहर से पानी मंगाना शुरू कर दिया है। स्थानीय निवासी एसके साहू ने बताया कि सुबह नल चालू करते ही गंदा पानी निकलता है और काफी देर बाद ही साफ पानी मिल पाता है। उन्होंने कहा कि कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। वहीं एन. निर्मलकर का कहना है कि जब तक पाइप लाइन की लीकेज पूरी तरह नहीं सुधरेगी, तब तक समस्या खत्म नहीं होगी।
