
बिलासपुर जिले में भीषण गर्मी के बीच स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा समर कैंप आयोजित करने के निर्देश जारी किए जाने पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में तापमान 46 डिग्री के करीब पहुंच चुका है, इसके बावजूद विभाग ने गांव और शहरों में बच्चों के लिए समर कैंप आयोजित करने को कहा है।
विभागीय आदेश के अनुसार कैंप सुबह 7.30 बजे से 9.30 बजे तक संचालित होंगे। इनमें चित्रकला, गायन, नृत्य, खेलकूद और निबंध लेखन जैसी गतिविधियों के साथ बच्चों को औद्योगिक संस्थानों और मेडिकल कॉलेजों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
हालांकि भीषण गर्मी और लू के हालात में बच्चों को घरों से बाहर बुलाने को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है। आदेश में बच्चों की सुरक्षा, परिवहन, पीने के पानी, हीट स्ट्रोक से बचाव और मेडिकल इमरजेंसी जैसी व्यवस्थाओं को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं।
शिक्षकों का कहना है कि गर्मी की छुट्टियों में पहले से मूल्यांकन, रिजल्ट और अन्य प्रशासनिक कार्यों का दबाव रहता है। ऐसे में समर कैंप अतिरिक्त जिम्मेदारी बन सकता है। दूसरी ओर विभाग ने कैंप के लिए अलग बजट देने से भी इनकार किया है। आयोजन जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग से कराने की बात कही गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने कहा कि समर कैंप पूरी तरह स्वैच्छिक होंगे और बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पालकों की सहमति से ही बच्चों को शामिल किया जाएगा तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कैंप की अवधि तय करने का अधिकार कलेक्टर को दिया गया है।
